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दिल्ली: कमिशन के पैसे मिलते ही गायब हो जाती थी नौकरानी, एजेंसी के नाम पर होती थी ठगी, दो गिरफ्तार
Sat, 12 Sep 2020 08:35 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 12 Sep 2020 08:35 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
दिल्ली में घरेलू नौकर मुहैया कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो बदमाशों को पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल, 25 हजार रुपये और प्लेसमेंट एजेंसी से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।
आरोपियों की पहचान अजीत कुमार और हीरावती के तौर पर हुई है। इन पर जालसाजी का मुकदमा पहले से दर्ज है। दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 9 सितंबर को अशोक कुमार ने सरिता विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा था कि उन्हें घर के लिए एक नौकर की तलाश थी। मोबाइल एप के जरिए उन्हें निधि नाम की एक महिला मिली, जिसने दावा किया वह एसजे प्लेसमेंट सर्विस चलाती है। उसने कहा कि प्रतिमाह नौकर को पांच हजार रुपये देने होंगे और 25 हजार रुपये एजेंसी का कमीशन होगा।
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इस महिला ने नौकर की तस्वीर, आधार कार्ड की कॉपी पीड़ित के पास भेज दी। छह सितंबर को एक महिला के साथ नौकरानी बताए पते पर पहुंच गई। महिला को पीड़ित ने 25 हजार रुपए दिये। उस दिन नौकरानी ने घर का कोई काम नहीं किया।
रात को वह खाना खाकर सो गई और सुबह होते ही फरार हो गई। इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने बताए गए नाम की प्लेसमेंट एजेंसी को सर्च किया, लेकिन वह नहीं मिली। फिर एएसआई लाइक अली ने मोबाइल सर्विलांस के जरिये शुक्रवार को अजीत कुमार नाम के आरोपी को दबोच लिया।
उसने बताया कि दो साल पहले वह हीरावती के संपर्क में आया था। वह मुंडका में रहती है। कोई काम नहीं होने की वजह से दोनों ने लोगों को ठगना शुरू कर दिया। वे जिस महिला को कमीशन लेने भेजते थे, उसे एक हजार रुपये देते थे। हर काम के लिए नई महिला को चुना जाता था।
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आरोपियों की पहचान अजीत कुमार और हीरावती के तौर पर हुई है। इन पर जालसाजी का मुकदमा पहले से दर्ज है। दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 9 सितंबर को अशोक कुमार ने सरिता विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
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उन्होंने कहा था कि उन्हें घर के लिए एक नौकर की तलाश थी। मोबाइल एप के जरिए उन्हें निधि नाम की एक महिला मिली, जिसने दावा किया वह एसजे प्लेसमेंट सर्विस चलाती है। उसने कहा कि प्रतिमाह नौकर को पांच हजार रुपये देने होंगे और 25 हजार रुपये एजेंसी का कमीशन होगा।
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इस महिला ने नौकर की तस्वीर, आधार कार्ड की कॉपी पीड़ित के पास भेज दी। छह सितंबर को एक महिला के साथ नौकरानी बताए पते पर पहुंच गई। महिला को पीड़ित ने 25 हजार रुपए दिये। उस दिन नौकरानी ने घर का कोई काम नहीं किया।
रात को वह खाना खाकर सो गई और सुबह होते ही फरार हो गई। इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने बताए गए नाम की प्लेसमेंट एजेंसी को सर्च किया, लेकिन वह नहीं मिली। फिर एएसआई लाइक अली ने मोबाइल सर्विलांस के जरिये शुक्रवार को अजीत कुमार नाम के आरोपी को दबोच लिया।
उसने बताया कि दो साल पहले वह हीरावती के संपर्क में आया था। वह मुंडका में रहती है। कोई काम नहीं होने की वजह से दोनों ने लोगों को ठगना शुरू कर दिया। वे जिस महिला को कमीशन लेने भेजते थे, उसे एक हजार रुपये देते थे। हर काम के लिए नई महिला को चुना जाता था।