सौतेले भाई को फंसाने के लिए की ओछी हरकत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में सौतेले भाई से दुश्मनी निकालने के लिए उसकी कार में चरस रखवाने के मामले में विशेष अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई है।
मामले में पुलिस ने पीड़ित को भी आरोपी बनाया था लेकिन अदालत ने उसे बरी कर दिया। दोषी हरियाणा के सोनीपत निवासी हैं और उनके बीच प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था।
तीस हजारी स्थित विशेष एनडीपीएस जज शैल जैन ने सोनीपत हरियाणा निवासी यशपाल व सुभाष को 22 जुलाई को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
किस बात की दुश्मनी थी?
अदालत ने इस मामले में तीसरे आरोपी सतबीर को बरी कर दिया। यशपाल ने सुभाष की मदद से सतबीर की कार में 1.70 किलोग्राम चरस रखवा दी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारकर कार से चरस बरामद कर ली थी।
पेश मामले के मुताबिक थाना कोतवाली पुलिस ने 7 जनवरी 2006 को ओल्ड लाजपत राय मार्केट की पार्किंग में खड़ी कार से चरस बरामद की थी। यह कार सतबीर की थी जिसमें सुभाष अपनी पत्नी व बेटी के साथ सोनीपत से आया था। यशपाल व सतबीर के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।