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Digital Arrest: बुजुर्ग डॉक्टर दंपती से 15 करोड़ की ठगी में गुजरात से दो खाताधारक गिरफ्तार, दो दिन की हिरासत

Sun, 18 Jan 2026 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 18 Jan 2026 06:27 AM IST
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Two account holders from Gujarat arrested for duping elderly doctor couple of Rs 15 crore
demo - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) ने डिजिटल गिरफ्तारी कर एक बुजुर्ग दंपती से 14.85 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं।

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आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिव्यांग पटेल (28) और कृतिक शितोले (26) को बृहस्पतिवार को वडोदरा से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। बाद में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह मामला साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा है।
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 पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच में पता चला कि पिछले साल 29 दिसंबर को 14.85 करोड़ रुपये में से करीब 4 करोड़ रुपये दिव्यांग पटेल के चलाए जा रहे एक एनजीओ के नाम पर रजिस्टर्ड बैंक खाते में हस्तांतरित किए गए। इसके बाद, उन्होंने पकड़े जाने से बचने के लिए छोटे-छोटे लेनदेन में रकम को कई बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिया।
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जांच में पता चला कि एनजीओ फर्जी था और कोई असली चैरिटेबल गतिविधि नहीं करता था। पुलिस के अनुसार, पटेल ने कथित तौर पर कमीशन के बदले धोखेबाजों को एनजीओ के बैंक खाते का इस्तेमाल करने की इजाजत दी। दूसरा आरोपी कृतिक शितोले बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था। उसने कथित तौर पर पटेल और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बीच संपर्क करवाया। 

जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने फंड को कंट्रोल करने, रूट करने और डायवर्ट करने के लिए फर्जी कॉल, इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म और ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल किया। पुलिस ने बताया कि मनी ट्रेल से पता चला कि अपराध की रकम कई राज्यों में बैंक खातों के जरिये भेजी गई थी। पुलिस ने बताया कि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और बाकी फंड का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 में ऐसे हुई थी ठगी 
घटना दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-एक में घटी थी। साइबर जालसाजों ने टेलीकॉम अधिकारी (ट्राई) बनकर एनआईआर बुजुर्ग डाक्टर तनेजा दंपती से 14.85 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस अधिकारी बताकर लगातार फोन व वीडियो कॉल किए, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया और गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद पैसे की मांग की। डर के मारे दंपती ने बात मान ली और बड़ी रकम हस्तांतरित कर दी।


आईएफएसओ के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता इंदिरा तनेजा ने बताया कि 24 दिसंबर को दोपहर में उन्हें एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल किए गए हैं और कई शिकायतें मिली हैं, इसलिए नंबर बंद किया जाएगा। इसके बाद कॉल करने वाले ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज हैं और गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। इसके बाद डा. तनेजा ने बैंक में जाकर आरोपियों को पैसे हस्तांतरित कर दिए। 

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