1.55 लाख के नौ चालान: दो दिन पहले ओवरलोडिंग में पकड़ा, टिकरी सीएनजी हादसे वाले ट्रक को लेकर खुलासा
Delhi CNG Pump Blast: टिकरी मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर हुए भीषण हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत हो गई। इस हादसे में शामिल ट्रक की नियम उल्लंघन की लंबी सूची सामने आई है। इस ट्रक पर करीब 1.55 लाख रुपये के नौ चालान लंबित हैं।
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टिकरी मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर बुधवार को हुए भीषण हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत के बाद हादसे में शामिल ट्रक की नियम उल्लंघन की लंबी सूची सामने आई है। एचआर63डी9900 नंबर के इस ट्रक पर करीब 1.55 लाख रुपये के नौ चालान लंबित हैं।
ट्रक पर सबसे बड़ा 76 हजार रुपये का चालान हादसे से महज दो दिन पहले 17 अगस्त को ओवरलोडिंग के लिए किया गया था। इसके बावजूद ट्रक 19 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से होते हुए टिकरी के सीएनजी स्टेशन तक पहुंच गया।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, ट्रक के खिलाफ पिछले दो वर्षों में परमिट, यातायात और वाहन संबंधी नियमों के उल्लंघन में लगातार कार्रवाई हुई। हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि बार-बार चालान और हालिया ओवरलोडिंग कार्रवाई के बावजूद वाहन सड़क पर कैसे चलता रहा। ट्रक के साथ ही संबंधित ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में है।
जुर्माने तक सीमित रह गया सिस्टम : परमिट उल्लंघन, नो-एंट्री, नंबर प्लेट, लेन बदलने और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में कार्रवाई के बावजूद उसे रोकने या प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत क्यों नहीं समझी गई, यह सवाल अब ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की भूमिका पर उठ रहा है। खास बात यह है कि हादसे से दो दिन पहले ही ट्रक पर 76 हजार रुपये का ओवरलोडिंग चालान हुआ था। इसके बावजूद वह दो दिन बाद दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर पहुंच गया। चालान के बावजूद कार्रवाई सिर्फ जुर्माने तक सीमित रही।
रिकॉर्ड के मुताबिक 14 जुलाई 2024 को परमिट उल्लंघन के लिए 10 हजार रुपये का चालान हुआ। इसी दिन परमिट उल्लंघन के साथ नंबर प्लेट साफ नहीं दिखने पर 15 हजार रुपये का एक और चालान किया गया। 30 जुलाई 2024 को नो-एंट्री में प्रवेश के दो मामलों में 25-25 हजार रुपये के चालान हुए। यानी एक ही दिन 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा।
इसके बाद 19 फरवरी 2025 को गलत पार्किंग के लिए 500 रुपये का चालान हुआ। वर्ष 2026 में छह फरवरी और 16 अप्रैल को लेन बदलने पर 1500-1500 रुपये के चालान किए गए। छह मई को बिना नंबर प्लेट के चलने पर 500 रुपये का चालान दर्ज हुआ। इसके बाद 17 अगस्त को ओवरलोडिंग के मामले में 76 हजार रुपये का चालान किया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में अन्य लंबित चालान भी हैं। सभी को मिलाकर बकाया राशि करीब 1.55 लाख रुपये है।
ट्रक का पंजीकरण 7 मार्च 2017 को हुआ था। नौ साल पांच महीने पुराना वाहन चौथे मालिक के नाम पंजीकृत है। रिकॉर्ड के अनुसार इसकी फिटनेस 28 फरवरी 2027, प्रदूषण प्रमाणपत्र 29 सितंबर 2026, पंजीकरण 28 फरवरी 2027 और बीमा 9 मार्च 2027 तक वैध है।