फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   traffic jam in city problems people are disturbed

ट्रैफिक फ्लो का कबाड़ा, जहां मर्जी वहां खड़े कर दिए जाते ऑटो, ई-रिक्शा और बसें

Tue, 25 Oct 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 25 Oct 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
traffic jam in city problems people are disturbed
शहर में जहां मर्जी वहां सार्वजनिक वाहन खड़े कर वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। यही नहीं ट्रैफिक फ्लो का कबाड़ा भी कर देते हैं। चौक-चौराहे पर सवारियों के इंतजार में खड़े ऑटो और ई-रिक्शे की वजह से ट्रैफिक पुलिस को यातायात बहाली में काफी पसीना बहाना पड़ता है। इसके अलावा जहां-तहां खड़े बसों ने भी लोगों को काफी परेशान किया है। पहले से ही जाम के लिए बदनाम नोएडा की सड़कों पर ऐसी हरकत हालात को और बुरा बनाने में मददगार साबित होती है।
विज्ञापन


चौराहों पर खड़े होकर जाम लगाते ऑटो

शहर के कई मुख्य चौराहों पर ऑटो वाले खड़े होकर जाम का सबब बनते हैं। इनका मकसद सवारियां बैठाना होता है। लेकिन इस चक्कर में पीछे से आ रहे वाहनों के लिए यह बाधा का काम करते हैं। मामूरा चौराहा, मॉडल टाउन तिराहा, सेक्टर-2 गोलचक्कर, 12-22 चौराहा, स्टेडियम चौराहा, हरौला चौराहा, संदीप पेपर मिल, सेक्टर-37 चौराहा, सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन सहित कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां बेतरतीब ढंग से खड़े ऑटो की वजह से जाम लगता है।
विज्ञापन


मेट्रो स्टेशनों के नीचे ई-रिक्शा बन गए हैं नासूर
मेट्रो स्टेशनों पर उतरने वाले यात्रियों को नजदीकी सेक्टरों में पहुंचाने के लिए सबसे आसान और सस्ता साधन ई-रिक्शा हैं। लेकिन एक ही जगह पर सैकड़ों ई-रिक्शे के जमावड़े से मुख्य सड़क पर यातायात बाधित होता है। यकीन नहीं होता तो सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन पर एक बार घूम आइए। यहां ई-रिक्शा की वजह से भारी जाम भी लगता है। ई-रिक्शा चालकों की नजर मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों पर होती है। इस बीच पीछे से आने वाला वाहन इनकी वजह से जाम मेें फंस जाता है। यही नहीं शहर के कई मुख्य प्वाइंटों पर भी इनकी वजह से यातायात बाधित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नो पार्किंग में खड़ी बसें यातायात मेें बाधक
शहर में पार्किंग की सुविधा बेहतर नहीं होने की वजह से बसों के चालक कहीं भी सड़क के किनारे बसें खड़ी कर देते हैं। इसके बाद पीछे से आ रही हैवी ट्रैफिक स्लो हो जाता है। सिटी सेंटर अंडरपास से पहले सेक्टर-35 मेें तो ऐसी जगह पर बसें खड़ी होती हैं जहां अगर पीछे से आ रहा वाहन चालक चूका तो हादसा भी हो सकता है। यही नहीं सेक्टर-22-56, 33-35 का मेन रोड, सेक्टर-62, लेबर चौक सहित कई अन्य सड़कें हैं, जहां बसें खड़ी होकर यातायात में बाधा बनती हैं।

ट्रैफिक पुलिस से मिलकर प्राधिकरण करेगा कार्रवाई
बीते दिनों सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मुख्य सड़कों पर जाम की वजह बनने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने की अपील की है। इस पर प्राधिकरण के सीईओ पीके अग्रवाल ने डीसीईओ सौम्य श्रीवास्तव को एसपी ट्रैफिक से मिलकर इसकी कार्य योजना तैयार करने को कहा है। डीसीईओ ने इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


ट्रैफिक पुलिस करेगी ऐसे वाहनों का चालान
नो पार्किंग में खड़े होने वाले सैकड़ों वाहनों का चालान किया गया है। इसके अलावा ट्रैफिक फ्लो में बाधा बन रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की जा रही है। कहीं भी ऐसे हालात बनेंगे तो ट्रैफिक पुलिस भविष्य में भी कार्रवाई करेगी। -प्रबल प्रताप सिंह, एसपी ट्रैफिक
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed