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ट्रक ही नहीं ऑटो भी नहीं चलेंगे कल
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 03 Oct 2015 12:52 AM IST
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ट्रकों की हड़ताल से अब हालात बिगड़ने शुरू हो गए हैं। बाजार में जरूरी सामान की कमी होने लगी है। पहला असर परचून और पेंट के सामान पर पड़ा है। अब इनके दामों में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।
यूनियन पदाधिकारियों ने बड़े ट्रक और टेंपो का संचालन बिल्कुल रोक दिया है, जबकि मिनी ट्रक का संचालन हो रहा है। रविवार से ट्रक यूनियनों ने हाईवे पर बाहरी राज्यों-जनपदों के ट्रकों को भी रोकने का एलान किया है।
इसके साथ ही ऑटो की हड़ताल भी रविवार से शुरू हो रही है। ऐसे में जनजीवन हड़ताल से अस्त-व्यस्त हो सकता है।
एनसीआर में शुक्रवार को एक भी ट्रक नहीं चला। सभी आपरेटर्स ने बिल्टी बुक लेकर रख ली हैं, जिससे एक भी बिल्टी न काटी जा सके। हाईवे पर दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रकों का संचालन हुआ, लेकिन इनकी संख्या काफी कम रही।
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इन ट्रकों का माल उतारने के बाद दोबारा से लोड नहीं होने दिया। मिनी ट्रक आपरेटर्स हड़ताल में शामिल हैं, लेकिन इनके वाहन दिनभर चलते रहे।
परचून के सामान की आने लगी कमी
परचून और रंग पेंट के सामान की बाजार में कमी हो गई है। नवरात्र-दिवाली के चलते इनकी बिक्री ज्यादा है।
शहर से दूसरे राज्यों-जनपदों को जाने वाले मसालों, स्पेयर पार्ट्स, लोहे और मोटर पार्ट्स का उठान भी नहीं हो रहा है। इससे फैक्ट्रियों-कारखानों ने काम करना कम कर दिया है।
आरपार की लड़ाई का एलान
गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पाठक की अध्यक्षता में किराना मंडी में ट्रांसपोर्ट यूनियन की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि किसी हाल में ट्रकों का संचालन नहीं किया जाएगा।
मांगों के पूरा होने के बाद ही ट्रक चलेंगे। यदि किसी समझौते से देशव्यापी हड़ताल खत्म भी हो जाती है तो एनसीआर में ट्रकों को नहीं चलने देंगे।
यह है योजना
ट्रक आपरेटर्स यूनियन रविवार को किसी भी ट्रक का संचालन शहरों के अंदर नहीं होने देगा। शहरों में प्रवेश करने वाले ट्रकों में तोड़-फोड़ कर हवा निकाल दी जाएगी।
सोमवार से हाईवे पर पिकेट बनाकर ट्रकों का संचालन रोका जाएगा। हाईवे से होकर किसी भी राज्य-जनपद के ट्रक का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
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यूनियन पदाधिकारियों ने बड़े ट्रक और टेंपो का संचालन बिल्कुल रोक दिया है, जबकि मिनी ट्रक का संचालन हो रहा है। रविवार से ट्रक यूनियनों ने हाईवे पर बाहरी राज्यों-जनपदों के ट्रकों को भी रोकने का एलान किया है।
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इसके साथ ही ऑटो की हड़ताल भी रविवार से शुरू हो रही है। ऐसे में जनजीवन हड़ताल से अस्त-व्यस्त हो सकता है।
एनसीआर में शुक्रवार को एक भी ट्रक नहीं चला। सभी आपरेटर्स ने बिल्टी बुक लेकर रख ली हैं, जिससे एक भी बिल्टी न काटी जा सके। हाईवे पर दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रकों का संचालन हुआ, लेकिन इनकी संख्या काफी कम रही।
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इन ट्रकों का माल उतारने के बाद दोबारा से लोड नहीं होने दिया। मिनी ट्रक आपरेटर्स हड़ताल में शामिल हैं, लेकिन इनके वाहन दिनभर चलते रहे।
परचून के सामान की आने लगी कमी
परचून और रंग पेंट के सामान की बाजार में कमी हो गई है। नवरात्र-दिवाली के चलते इनकी बिक्री ज्यादा है।
शहर से दूसरे राज्यों-जनपदों को जाने वाले मसालों, स्पेयर पार्ट्स, लोहे और मोटर पार्ट्स का उठान भी नहीं हो रहा है। इससे फैक्ट्रियों-कारखानों ने काम करना कम कर दिया है।
आरपार की लड़ाई का एलान
गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पाठक की अध्यक्षता में किराना मंडी में ट्रांसपोर्ट यूनियन की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि किसी हाल में ट्रकों का संचालन नहीं किया जाएगा।
मांगों के पूरा होने के बाद ही ट्रक चलेंगे। यदि किसी समझौते से देशव्यापी हड़ताल खत्म भी हो जाती है तो एनसीआर में ट्रकों को नहीं चलने देंगे।
यह है योजना
ट्रक आपरेटर्स यूनियन रविवार को किसी भी ट्रक का संचालन शहरों के अंदर नहीं होने देगा। शहरों में प्रवेश करने वाले ट्रकों में तोड़-फोड़ कर हवा निकाल दी जाएगी।
सोमवार से हाईवे पर पिकेट बनाकर ट्रकों का संचालन रोका जाएगा। हाईवे से होकर किसी भी राज्य-जनपद के ट्रक का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।