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शाहीन बाग वाली 'दादी' हुईं दुनिया की 100 प्रभावशाली शख्सियतों में शुमार, टाइम मैगजीन ने जारी की लिस्ट

Wed, 23 Sep 2020 10:55 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 23 Sep 2020 10:55 PM IST
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Time magazine 2020 top 100 shaheen bagh iconic dadi bilkis make place in worlds 100 influential people
बाएं खड़ीं बिलकिस दादी - फोटो : अमर उजाला

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मैगजीन टाइम ने साल 2020 के शीर्ष सौ प्रभावशाली लोगों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें जगह पाने वालों में शाहीन बाग की दादी बिलकिस भी शामिल हैं जो सीएए के खिलाफ पूरे भारत में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का चेहरा रहीं।

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टाइम मैगजीन में दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल होने के बाद शाहीन बाग की दादी बिलकिस ने कहा कि, जिस कानून के विरोध में वह धरने पर बैठी थीं, आज उसी धरने को देखकर दुनिया ने शाहीन बाग का सजदा किया है। यूपी के हापुड़ जिले में अपने रिश्तेदार के घर गई बिलकिस दादी बताती हैं कि, वह मोदी सरकार से अब भी कानून को वापस लेने की अपील करती हैं। 
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उनका कहना है कि हम शांतिप्रिय लोग हैं, इसलिए कोरोना संकट आने के बाद ही खुद प्रदर्शन को समाप्त करने का फैसला लिया। इस सम्मान को पाने के बाद बिलकिस दादी ने टाइम मैगजीन का शुक्रिया अदा किया है। उनका कहना है कि वह मरते दम तक सीएए कानून का विरोध करती रहेंगी।  
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पीएम मोदी को भी मैगजीन ने किया शामिल
इस साल टाइम मैगजीन ने शाहीन बाग आंदोलन के दौरान 'दादी' के नाम से मशहूर हुईं बिलकिस को भी दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया है। 82 वर्षीय दादी बिलकिस उस वक्त सुर्खियों में आईं, जब नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग आंदोलन में वह धरने पर बैठी थीं। इसके अलावा 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से जगह दी गई है। इस लिस्ट में अभिनेता आयुष्मान खुराना और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई शामिल हैं। 

एनआरसी-सीएए के विरोध के बाद उभरा दादी का चेहरा
एनआरसी-सीएए विरोध का चेहरा बनकर उभरीं बिलकिस यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली हैं। उनके पति की करीब ग्यारह साल पहले मौत हो चुकी है। बिलकीस फिलहाल शाहीनबाग में अपने बहू-बेटों और पोते-पोतियों के साथ रहती हैं। 

शाहीनबाग प्रदर्शन में दादी के नाम से मशहूर हुईं बिलकिस ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नारा दिया था कि, जब तक रगों में खून बह रहा है, तब तक यहीं बैठी रहूंगी। उनके साथ दो दादी और भी थीं, जो हर वक्त प्रदर्शन में साथ ही रहती थीं।

 

ट्विटर पर 'शाहीन बाग' हो रहा ट्रेंड
टाइम मैगजीन की तरफ से लिस्ट जारी होने के बाद ट्विटर पर 'शाहीन बाग' ट्रेंड करने लगा। यूजर्स ने लिखा कि इस उम्र में बिलकिस के संघर्ष का जज्बा काबिले तारीफ है। हर तरफ उन्हें बधाईयों की झड़ी लग गई। लोगों ने लिखा कि 'हमारे देश की दादी किसी से कम हैं क्या।'

कोरोना वायरस ने खत्म किया प्रदर्शन
सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में स्थानीय लोगों ने लंबे वक्त तक प्रदर्शन किया था। जब भारत में कोरोना वायरस के केस बढ़ने लगे तो ऐहतियातन दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल को खाली करवा दिया था। 

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च में 'जनता कर्फ्यू' का ऐलान किया था तब बिलकिस ने कहा था, "अगर प्रधानमंत्री को हमारी सेहत की इतनी ही चिंता है तो आज इस काले कानून को रद्द कर दें फिर हम भी जनता कर्फ्यू में शामिल हो जाएंगे।
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