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10वीं में कम नंबर आने से परेशान 3 स्टूडेंट्स ने दी जान, एक ने तो 70 फीसदी लाने के बाद की आत्महत्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 May 2018 11:55 AM IST
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दसवीं में कम नंबर आने से परेशान तीन विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली। दिल्ली के द्वारका नार्थ इलाके 59 फीसदी नंबर लाने वाले छात्र ने फांसी लगा ली। डाबरी में एक छात्रा ने अपनी हाथ की नस काट ली। जबकि वसंतकुंज में 70 फीसदी अंक लाने के बाद रेयान स्कूल की छात्रा ने फांसी लगा ली।
पुलिस के मुताबिक द्वारका नार्थ में दसवीं कक्षा में आशा के अनुरूप नंबर नहीं आने पर रोहित (15) ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह सपरिवार भरत विहार में रहता था। उसके पास से
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
परिवार वालों ने बताया कि 59 फीसदी नंबर आने के बाद से वह काफी तनाव में था। उसे ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी। उसके पिता दक्षिण नगर निगम में कार्यरत हैं। कम नंबर आने के बाद से वह परेशान हो गया।
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उसके बाद छात्र अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद परिवार वाले उसके कमरे में पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार वालों ने दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। छात्र पंखे से लटका हुआ था।
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पुलिस के मुताबिक द्वारका नार्थ में दसवीं कक्षा में आशा के अनुरूप नंबर नहीं आने पर रोहित (15) ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह सपरिवार भरत विहार में रहता था। उसके पास से
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कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
परिवार वालों ने बताया कि 59 फीसदी नंबर आने के बाद से वह काफी तनाव में था। उसे ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी। उसके पिता दक्षिण नगर निगम में कार्यरत हैं। कम नंबर आने के बाद से वह परेशान हो गया।
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उसके बाद छात्र अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद परिवार वाले उसके कमरे में पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार वालों ने दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। छात्र पंखे से लटका हुआ था।
वहीं द्वारका जिले के डाबरी में ही छात्रा खुशबू ने रिजल्ट के बाद आत्महत्या कर ली। उसके मैथ्स और साइंस में कम नंबर आए थे। वह इस कदर परेशान थी कि उसने पहले अपनी नस काट ली।
इसी तरह वसंत कुंज में प्रज्ञा पांडेय (15) ने आत्महत्या कर ली। वह रेयान स्कूल में दसवीं की छात्रा थी। उसे 70 फीसदी अंक हासिल हुए थे। वह साईंस पढ़ना चाहती थी। उम्मीद से
कम नंबर आने पर उसने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। उसके पिता ईडी में काम करते हैं।
इसी तरह वसंत कुंज में प्रज्ञा पांडेय (15) ने आत्महत्या कर ली। वह रेयान स्कूल में दसवीं की छात्रा थी। उसे 70 फीसदी अंक हासिल हुए थे। वह साईंस पढ़ना चाहती थी। उम्मीद से
कम नंबर आने पर उसने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। उसके पिता ईडी में काम करते हैं।