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दिल्ली के तीन स्कूली छात्रों ने बनाया रोबोट, कोरोना मरीजों तक पहुंचाएगा खाना और दवाइयां
Tue, 07 Apr 2020 09:56 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 07 Apr 2020 09:56 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर व नर्स भी संक्रमित होने लगे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों व कोविड-19 के रोगियों के बीच संपर्क को कम करने के लिए दिल्ली के तीन स्कूली छात्रों ने मिलकर एक रोबोट का प्रोटोटाइप तैयार किया है। पृथ्वी नाम के इस रोबोट का इस्तेमाल रोगियों को भोजन और दवाइयां देने के लिए किया जा सकता है। खास बात यह है कि रोबोट को मोबाइल एप से दूर से भी नियंत्रित कर सकते हैं।
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रोबोट तैयार करने वाले तीन में से दो छात्र पीतमपुरा स्थित केआईआईटी के हैं। इनमें सौरव महेशकर बारहवीं (नॉन मेडिकल) व निशांत चांदना दसवीं में हैं। जबकि एक अन्य छात्र आदित्य दुबे मॉडर्न स्कूल बाराखंभा में बारहवीं (नॉन मेडिकल) के छात्र हैं। छात्र सौरव ने बताया कि हम तीनों दोस्त हैं। उन्होंने बताया कि जब वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई, तब स्कूल ने छात्रों से कुछ अलग करने को कहा जिससे कि ऐसे समय में सरकार की सहायता की जा सके।
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इसी दौरान तीनों छात्रों को एप से नियंत्रित होने वाले रोबोट को बनाने का विचार आया। छात्रों ने बताया कि भारत में कोरोनो वायरस का इलाज करते समय अब डॉक्टरों के संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं। हम कुछ ऐसा डिजाइन करना चाहते थे जो उन लोगों की रक्षा करे जो मरीजों के इलाज में लगे हैं। रोबोट को रोगियों को भोजन और दवा देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे स्मार्टफोन पर डाउनलोड किए गए ऐप के माध्यम से दूर से भी नियंत्रित किया जा सकता है।
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इतना ही नहीं एक स्मार्ट टैबलेट को रोबोट से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे डॉक्टरों और मरीजों के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग की जा सकेगी। सौरव व निशांत अपने स्कूल की रोबोटिक सोसाइटी से जुड़े हैं ऐसे में जहां सौरव ने रोबोट के सॉफ्टवेयर पर काम किया तो निशांत ने हार्डवेयर का जिम्मा संभाला। वहीं आदित्य ने उसकी अवधारणा बनाने में मदद की।