फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Three including owner of money collection company arrested in delhi

Delhi: रुपये संग्रह करने वाली कंपनी के मालिक समेत तीन गिरफ्तार, जलबोर्ड घोटाला मामले में ACB ने की कार्रवाई

Tue, 14 Feb 2023 04:14 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 14 Feb 2023 04:14 AM IST
सार

आरोप है कि पकड़े गए लोगों ने जलबोर्ड के विभिन्न क्योस्क के जरिये करोड़ों रुपये इकट्ठे करने के बाद जलबोर्ड के खातों में रकम न भेज अपने खातों में भेजा। बाद में जब रकम जमा की गई तो इसमें करोड़ों का अंतर पाया गया।

विज्ञापन
Three including owner of money collection company arrested in delhi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली जलबोर्ड में कथित रूप से हुए करोड़ों के घोटाले में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक शाखा) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने निजी कंपनी फ्रेश-पे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और ऑरम ई-पेमेंट कंपनी के मालिक, निदेशक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कंपनी के मालिक व निदेशक राजेंद्रन के. नायर उर्फ राजू, सीएफओ गोपी कुमार केडिया और निदेशक डॉ. अभिलाश वासुकुट्टन पिल्लई के रूप में हुई है। 

विज्ञापन


आरोप है कि इन लोगों ने जलबोर्ड के विभिन्न क्योस्क के जरिये करोड़ों रुपये इकट्ठे करने के बाद जलबोर्ड के खातों में रकम न भेज अपने खातों में भेजा। बाद में जब रकम जमा की गई तो इसमें करोड़ों का अंतर पाया गया। छानबीन के बाद रुपयों की हेराफेरी के आरोपों को सही पाते हुए एसीबी ने कार्रवाई कर इन लोगों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन
Trending Videos

संयुक्त आयुक्त और एसीबी प्रमुख मधुर वर्मा ने बताया कि वर्ष 2012 में जलबोर्ड ने कॉर्पोरेशन बैंक को तीन साल के लिए पानी का बिल एकत्रित करने के लिए अधिकृत किया था। बैंक ने इसकी जिम्मेदारी निजी कंपनी फ्रेश-पे आईटी सॉल्यूशन को दे दी। कंपनी ने भी कैश कलेक्शन की जिम्मेदारी सहयोगी कंपनी ऑरम ई-पेमेंट्स व अन्यों को दे दी। अनुबंध की समय सीमा समाप्त होने के बाद उसे समय-समय पर बढ़ा दिया गया।

इस दौरान 2019 में गड़बड़ी का खुलासा हुआ तो भी उनके पास यह अधिकार जारी रखा गया। आरोप लगे कि जलबोर्ड के अधिकारियों ने निजी कंपनी व बैंक के साथ मिलकर करोड़ों की हेराफेरी की। मामला संज्ञान में आने के बाद सितंबर 2022 में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस संबंध में मुख्य सचिव को जांच करवा कर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed