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Delhi NCR News: सीजेपी आंदोलन के इन चार प्रमुख पड़ाव ने बदली आंदोलन की दिशा...
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-जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की शुरुआत:
सीजेपी की ओर से नीट पेपर लीक मामले को लेकर 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया गया। ऐसे में समर्थकों और प्रदर्शनकारियों का हुजूम लगातार बढ़ता चला गया।
-सोनम वांगचुक का आंदोलन से जुड़ना:
प्रदर्शन के दौरान पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान वह प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठे। उनके शामिल होने से आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला और यह मुद्दा ज्यादा चर्चा में आ गया।
-वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती करना:
दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देकर जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।
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-संसद मार्च और आंदोलन का नया रुख:
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा कार्यकर्ता चलो संसद मार्च के लिए जुटे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इसमें लाठीचार्ज और पुलिस की कार्रवाई ने आंदोलन को नई दिशा दे दी।
-बातचीत के खुले रास्ते
इस घटना के बाद सरकार और पार्टी के बीच बातचीत के रास्ते खुले।
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सीजेपी की ओर से नीट पेपर लीक मामले को लेकर 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया गया। ऐसे में समर्थकों और प्रदर्शनकारियों का हुजूम लगातार बढ़ता चला गया।
-सोनम वांगचुक का आंदोलन से जुड़ना:
प्रदर्शन के दौरान पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान वह प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठे। उनके शामिल होने से आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला और यह मुद्दा ज्यादा चर्चा में आ गया।
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-वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती करना:
दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देकर जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।
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-संसद मार्च और आंदोलन का नया रुख:
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा कार्यकर्ता चलो संसद मार्च के लिए जुटे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इसमें लाठीचार्ज और पुलिस की कार्रवाई ने आंदोलन को नई दिशा दे दी।
-बातचीत के खुले रास्ते
इस घटना के बाद सरकार और पार्टी के बीच बातचीत के रास्ते खुले।