फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Then came the election began a series of strikes

चुनाव आए तो हड़तालों का दौर हुआ शुरू

Wed, 12 Feb 2014 01:02 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Wed, 12 Feb 2014 01:02 AM IST
विज्ञापन
Then came the election began a series of strikes

लोकसभा चुनावों का समय आते ही हर तरफ धरना-प्रदर्शन और हड़ताल का दौर शुरू हो गया है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए और अपनी मांगों के लिए बैंककर्मी, स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल कर रहे हैं।

विज्ञापन


शिक्षामित्र और डिप्लोमा इंजीनियर मांगें न माने जाने से भी विरोध में हैं। इसका खामियाजा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जनता को भुगतना पड़ रहा है।

बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते जहां दो दिनों से लेनदेन नहीं हुआ। उधर, निजीकरण समेत कई मांगें माने जाने के बाद बिजलीकर्मियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली।
विज्ञापन


एटीएम खाली, चेक भी फंसे
पब्लिक सेक्टर बैंकों की हड़ताल के दूसरे दिन भी महानगर बेहाल रहा। लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए पैसा निकालने को इधर उधर भटकते रहे। प्राइवेट बैंकें के एटीएम भी दोपहर तक ही खाली हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


करोड़ों रुपये के चेक क्लीयरेंस में फंसे रहे। उधर, बैंक कर्मचारियों ने नवयुग मार्केट से रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्नान पर बैंक कर्मचारियों ने यह हड़ताल की।

यूएफबीयू के जिला मंत्री आरके जैन ने बताया कि बैंक कर्मचारियों का वेतन वर्र्षों से नहीं बढ़ा। जबकि यूनियन और सरकार के साथ पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। यूनियन ने मांगपत्र दिए 16 माह बीत चुके हैं लेकिन सरकार निर्णय नहीं ले पा रही।

इस हड़ताल के बाद भी यदि सरकार निर्णय नहीं लेती है तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगी। वहां एसबी कपूर, सुभाष कौशिक, आरके अग्रवाल, सुनील गोयल आदि थे।

मांगें मानों वर्ना नहीं उठेगा कूड़ा
नगर निगम के वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 15 फरवरी से शहर का कूड़ा नहीं उठाएंगे। इससे पहले कर्मचारी 14 फरवरी को धरना देंगे। इस संबंध में अफसरों को ज्ञापन दिया जा चुका है। यदि वाहन चालकों का का चक्का जाम होता है तो शहर से रोजाना निकलने वाले 850 मीट्रिक टन कूड़े की लिफ्टिंग नहीं हो सकेगी। वाहन चालक संघ के महामंत्री सलीम अब्बासी और उपमंत्री राजीव शर्मा का कहना है कि निगम अधिकारी लिखित समझौते के बावजूद कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं कर रहे हैं।

एड्स और टीबी जांच प्रभावित
एड्स यूनियन हड़ताल से कई जांचें प्रभावित हो रही हैं। काउंसलिंग और एचआईवी टेस्ट के अलावा एआरटी सेंटर पर भी मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।

मंगलवार को मेरठ स्थित एआरटी सेंटर पर जांच न होने पर मरीजों ने हंगामा किया। 6 सूत्री मांगों के लिए प्रदेश भर कीयूनियन के सदस्यों ने सोमवार को दिल्ली में धरना दिया था।


टीबी कर्मचारी यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री संजय यादव ने बताया कि एड्स यूनियन की हड़ताल को टीबी कर्मचारी यूनियन का मौलिक समर्थन है।

फार्मासिस्ट भी विरोध में
15 फरवरी से फार्मासिस्ट एसोसिएशन मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद प्रदेशव्यापी हड़ताल के लिए 28 फरवरी को लखनऊ में विशाल रैली और घेराव करेंगे। वहां मांगें न मानी गई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed