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डायरी बनी यादव सिंह के गले की फांस, उगलने शुरू किए नाम

Sat, 06 Feb 2016 09:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 06 Feb 2016 09:41 PM IST
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The Yadav people's bad karma, pages began breathing name.

प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की डायरी में लिखे नामों के बारे में सीबीआई लगातार उनसे पूछताछ कर रही है। जिस वक्त आयकर विभाग ने छापा मारा था, उस समय भी डायरी का जिक्र हुआ था।

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सूत्र बताते हैं कि यादव सिंह द्वारा लेनदेन का मामला इतना लंबा होता था, जिसे याद नहीं रखा जा सकता। इसके लिए डायरी में तिथि के हिसाब से लिखा-पढ़ी की जाती थी।
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यही डायरी अब यादव सिंह के लिए गले की फांस बन गई है। यादव सिंह ने डायरी से जुड़े नाम उगलने शुरू कर दिए हैं। डायरी की पड़ताल और पूछताछ के दौरान ही सीबीआई अगली गिरफ्तारी के लिए सूची भी तैयार कर रही है।
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तीसरी गिरफ्तारी से पहले सीबीआई नोटिस भेजकर पूछताछ भी करेगी। अगला नंबर किसका होगा, इसे लेकर यादव सिंह के साथ काम करने वालों की नींद उड़ी हुई है।

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम बहलोलपुर के पास 30 मीटर रोड पर अंडरपास के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये के टेंडर में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

मामला रफादफा करने के लिए करोड़ों की डील का आरोप

The Yadav people's bad karma, pages began breathing name.

मुख्य सचिव आलोक रंजन से जांच की मांग की है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि इस निर्माण के लिए 23 नवंबर तक आवेदन मांगे गए थे।

15 जनवरी को टेंडर खोला गया। जिन तीन फर्मों को स्वीकृत किया गया, उन सभी के आईपी एड्रेस एक ही हैं। सीधा अर्थ है एक ही कंप्यूटर से टेंडर का फार्म भरा गया। यादव सिंह मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पीआईएल दायर करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि 27 नवंबर 2014 को आयकर छापे के बाद अधिकारी व यादव सिंह के बीच कथित डील के संबंध में उन्हें एक गुमनाम पत्र मिला है।


उन्होंने सीबीआई को पत्र भेजकर कहा है कि गुड़गांव में तैनात एक अफसर और बुलंदशहर के एक कारोबारी के जरिये मामले को रफादफा करने के लिए 50 करोड़ की डील हुई थी।

पत्र में उस कारोबारी का मोबाइल नंबर देते हुए कॉल डिटेल्स से संबंधों की पुष्टि करने को कहा गया है। पत्र के अनुसार यह डील नई दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक होटल में तय हुई। पैसे का लेनदेन नोएडा में हुआ। उन्होंने सीबीआई से इन तथ्यों की जांच करने का अनुरोध किया है।

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