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सूदखोर से परेशान मजदूर ने दी जान
अमर उजाला, मुरादनगर
Updated Sat, 14 Jun 2014 02:41 PM IST
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रावली गांव में कर्ज में डूबे मजदूर अली हसन ने शुक्रवार को सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पर साठ हजार रुपये का कर्ज था। परिजनों के अनुसार कर्ज न चुका पाने की वजह से अली हसन ने जान दी है।
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हालांकि अली हसन के बड़े भाई अखलाक ने इस मामले में कार्रवाई इनकार कर दिया और स्थानीय पुलिस को भी घटना की जानकारी नहीं दी गई।
रावली गांव निवासी अली हसन (38) मजदूरी कर घर का खर्च चलाता था। उनके परिवार में पत्नी मोमीना, बेटी सायरा (22), सना (18), फरहाना (14) और बेटा कमल हसन (12) व अमन (7) है।
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परिजनों के मुताबिक अली हसन ने गांव निवासी किसी व्यक्ति से छह माह पूर्व साठ हजार रुपये का कर्ज लिया था। सूदखोर के रुपये और ब्याज वक्त पर नहीं दिए जाने से वह परेशान था। उधर सूदखोर पर बार-बार रुपयों का तगादा कर रहा था।
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परिजनों के अनुसार इसी से परेशान होकर अली हसन ने शुक्रवार सुबह साढे़ दस बजे सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आननफानन में मोदीनगर के एक निजी अस्पताल में ले गए। मगर हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया, जहां शाम साढे़ पांच बजे अली हसन की मौत हो गई।
अली हसन के बड़े भाई अखलाक का कहना था कि वह इस मामले में कार्रवाई नहीं चाहते हैं। शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। पुलिस ने जानकारी से इनकार किया।