{"_id":"5e27a6e08ebc3e7d5a7cbfdc","slug":"the-real-house-of-elephants-is-in-the-forest-it-is-not-illegal-to-keep-in-the-rehabilitation-center","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्टः जंगल ही हाथियों का असली घर, पुनर्वास केंद्र में रखना अवैध नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्टः जंगल ही हाथियों का असली घर, पुनर्वास केंद्र में रखना अवैध नहीं
Wed, 22 Jan 2020 07:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 22 Jan 2020 07:05 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के यमुना घाट से पकड़कर हरियाणा के पुनर्वास केंद्र में रखी गई हथिनी लक्ष्मी को वापस पाने के लिए उसके महावत की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। पीठ ने कहा कि पुनर्वास केंद्र में हथिनी को रखना अवैध नहीं कहा जा सकता, क्योंकि जंगल ही हाथियों का असली घर होता है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह और संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने महावत सद्दाम की ओर से हथिनी का मालिक होने के संबंध में कोई भी पुख्ता सुबूत पेश न करने पर उसकी याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया। पीठ ने कहा कि हाथी जैसे जानवर के लिए जंगल ही उसका प्राकृतिक घर है, जहां उसके लिए पर्याप्त पानी, खुली जमीन और अन्य जरूरतें पूरी होती हैं।
विज्ञापन
महावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हथिनी लक्ष्मी को प्रशासन द्वारा अपनी हिरासत में रखने को गैर-कानूनी और अवैध बताया था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि महावत और हथिनी दोनों के अधिकार के बीच संघर्ष के मामले में प्राथमिकता हथिनी को देनी होगी।
विज्ञापन
इसके साथ ही पीठ ने कहा कि अगर महावत हथिनी का मालिक होने का साक्ष्य जुटा भी ले तो भी वह हथिनी को अपना गुलाम बनाने का अधिकार नहीं रखता, ताकि वह हथिनी को उसके अधिकारों के विपरीत असहज वातावरण में ले जा सके। हालांकि पीठ ने महावत से कहा कि वह हथिनी से मिलने के लिए पुनर्वास केंद्र जा सकता है।