फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The RAF will now investigate allegations regarding the use of force and pellet guns.

Delhi NCR News: बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच अब आरएएफ करेगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:12 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नई दिल्ली।
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच अब रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) करेगी। आरएएफ ने दिल्ली में 20 जुलाई को हुए सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक जांच के बाद औपचारिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पर विचार होगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आरएएफ ने उन आरोपों की जांच शुरू की है जिनमें कहा गया है कि प्रदर्शनों के दौरान उसके जवानों ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया, जिसमें पैलेट गन से फायरिंग भी शामिल है।
आरएएफ ने यह कदम सीजेपी के 20 जुलाई को आयोजित चलो संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों से निपटने के तरीके पर बढ़ रही आलोचनाओं के बीच उठाया है। मीडिया रिपोर्ट में घायलों के बयानों और मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारी पैलेट गन से घायल हुए थे। रिपोर्ट्स में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की बात कही जा रही है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इस तरह के हथियार के इस्तेमाल से इनकार किया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उनके पास न तो पैलेट गन हैं और न ही वे इनका इस्तेमाल करते हैं। सीआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि अभी जो जांच चल रही है, उससे पहले तथ्यों का पता लगाया जाएगा और उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि औपचारिक जांच की जरूरत है या नहीं।सीआरपीएफ घटनाओं के क्रम को फिर से तैयार करेगी। अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ के तहत आरएएफ काम करती है, ने आरएएफ के इंस्पेक्टर जनरल को ऑपरेशन के दौरान हुई घटनाओं के क्रम को फिर से तैयार करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

क्या है पैलेट गन
पैलेट गन के एक कारतूस में 600 तक धातु या रबर के छर्रे भरे जाते हैं जो 1000 फीट प्रति सेकंड की तेज स्पीड से फैलकर निशाने को प्रभावित करते हैं। पुलिस इसे भीड़ नियंत्रण का हथियार मानती है। यह गंभीर चोटें और स्थाई रूप से विकलांग बनने का कारण बन सकता है। पैलेट गन को नॉन-लीथल माना जाता है। इसका गलत इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है। पैलेट गन एक प्रकार की राइफल होती है जो मेटल या रबर पैलेट्स से भरे कारतूस चलाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed