तिहाड़ की जेल वैन में गैंगवार, कैदी की पीट-पीटकर हत्या
तिहाड़ जेल की बस में तीन कैदियों ने एक विचाराधीन कैदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। साकेत कोर्ट में पेश कर तिहाड़ जेल की बस कैदियों को वापस जेल ले जा रही थी।
बताया जा रहा है कि कैदी पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया है। सूचना हौजखास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जेल बस को हौजखास थाने के अंदर ले जाया गया।
आरोपी कैदियों को उतारकर बस से अन्य कैदियों को तिहाड़ भेज दिया गया। हौजखास थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर तीन कैदियों को गिरफ्तार कर लिया है। बस में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। जेल बस में रंजिश व गैंगवार के चलते हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार कैदियों को साकेत कोर्ट में पेश कर तिहाड़ जेल की बस कैदियों को शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वापस जेल ले जा रही थी।
नुकिले और धारदार हथियार से किया हमला
बस में उस समय करीब 50 कैदी थे। बस जब आईआईटी फ्लाईओवर से दाएं मुड़ी तो तीन विचाराधीन कैदियों रविन्द्र उर्फराजू, मोहम्मद सलमान और विशाल उर्फ बंटी का दूसरे विचाराधीन कैदी मनोज से झगड़ा हो गया।
इन लोगों ने मनोज पर हमला कर दिया। उसकी बस में बुरी तरह पिटाई कर दी। उसे पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी कैदियों ने मनोज पर किसी नुकीले व धारदार हथियार से भी हमला किया।
अन्य कैदियों के शोर मचाने पर बस को रोका गया। बस में तैनात दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना हौजखास थाना पुलिस को दी। हौजखास थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बस को घेर लिया।
घायल कैदी मनोज को बस से उतारकर ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हौजखास थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर आरोपी कैदी रविन्द्र, मोहम्मद सलमान और विशाल को गिरफ्तार कर लिया।
उन्हें देर रात तक हौजखास थाने में रखा हुआ था। मनोज अंबेडकर नगर का घोषित बदमाश था। उसके खिलाफ संगीन धाराओं में करीब आधा दर्ज से ज्यादा मामले दर्ज थे। मनोज 18 वर्ष की उम्र में वर्ष 2005 में पहली बार जेल गया गया था। वह तिहाड़ की जेल नंबर आठ में बंद था।