रमजान में इबादत की याद दिलाएगा ये मोबाइल ऐप
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रमजान के मुबारक महीने में भागमभाग के बीच इबादत पीछे न छूट जाए और इफ्तार-सहरी या नमाज का समय याद रखें, इसके लिए लोग मोबाइल ऐप का सहारा ले सकते हैं। मस्जिदों में भी इमाम साहब जोहर (दोपहर) की नमाज के बाद लोगों को ऐप का सहारा लेने की सलाह दे रहे हैं।
मौलाना जमालुद्दीन का कहना है कि लोग मोबाइल से हर वक्त जुड़े रहते हैं। ऐसे में ऐप के जरिये नमाज का वक्त पर नमाज और टाइम पर तिलावत कर सकते हैं। रोजा शुरू करने से लेकर इफ्तार तक का सही समय बताने के लिए मोबाइल ऐप मौजूद है।
कॉरपोरेट दफ्तर में भी बैठकर इस ऐप के जरिये कुरान की तिलावत कर सकते हैं। किबला (पश्चिम) का रूप इसके माध्यम से जान सकते हैं। हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और अरबी में भी दरूद व कलमा मौजूद है। इसे पढ़ने के साथ सुन भी सकते हैं। वहीं रमजान के मौके पर लजीज खाने के लिए रमजान रेसिपी ऐप भी मौजूद है।
इबादतों को अंजाम देने में मददगार हैं एप
रमजान के मद्देनजर ऐसे कई ऐप है, जो तय वक्त पर इबादतों को अंजाम देने में मददगार साबित हो सकते हैं। इनमें कुरान की तिलावत (पाठ) से लेकर सहरी और नमाज की टाइमिंग तक दी गई है। साथ ही दुआ के लिए स्पेशल एप भी मौजूद हैं।
ऐप में शहरों के हिसाब से सहरी, इफ्तार और नमाज का समय दिया गया हैं। कुरान की आयतें और इनका तर्जुमा (अनुवाद) भी मोबाइल ऐप कुरान के जरिये पढ़ सकते हैं। हिस्नुल मुस्लिम किताब की दुआएं भी इस एप पर मौजूद हैं।
किबला ऐप काबा शरीफ का लोकेटर है, जो दिशासूचक की तरह काम करता है। इसके अलावा रमजान में पढ़ी जाने वाली दुआ के लिए भी ऐप मौजूद है।
ऐप रमजान-2015 करेगा अलर्ट
इस ऐप में सहरी और इफ्तार दोनों का टाइम सेट अलार्म लगा है। जो सहरी और इफ्तार का वक्त शुरू और खत्म होने पर लोगों को अलर्ट करेगा।
पांच वक्त की नमाज का भी रिमाइंडर है। इसे शहर के नाम के साथ फिक्स किया जा सकता है। फोन लोकेटर ऑनकर सेट किया जा सकता है।
रमजान कैलेंडर, नमाज का हाईलाइटर, सहरी और इफ्तार के नोटिफिकेशन समेत कई सुविधाएं मौजूद हैं।