दिल्ली विस के आपात सत्र में केजरीवाल ने कहा- कालेधन नहीं, गरीबों पर वार कर रहे पीएम
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दिल्ली विधानसभा के आपात सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने कहा मोदी अमीरों के दोस्त और गरीबों के दुश्मन हैं। मोदी जी काले धन पर नहीं, गरीबों पर वार कर रहे हैं। सत्र के दौरान केजरीवाल ने सदन में एक प्रस्ताव भी पेश किया।
विमुद्रीकरण वापस लिए जाने, एक विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाए जाने के लिए लिए गए इस फैसले की उच्चतम न्यायालय के निरीक्षण में जांच कराने के लिए राष्ट्रपति से मांग करने के साथ ही केजरीवाल ने प्रधानमंत्री व भाजपा व कई कड़े प्रहार किए।
केजरीवाल ने आयकर विभाग के एक अप्रेजल रिपोर्ट में गुजरात मुख्यमंत्री के तौर पर काले धन के लेनदेन वाले खाते में नाम शामिल होने का आरोप लगाया। इसके अलावा सहारा समूह पर छापेमारी में 130 करोड़ रुपये के साथ कागजात मिलने का हवाला देकर केजरीवाल ने कहा, यहां भी नरेंद्र मोदी व कई अन्य मुख्यमंत्रियों के नाम मिले। कागजात पूरे होंगे तो अगली बार उसे भी सदन में रखा जाएगा।
केजरीवाल ने कहा, आजादी के बाद पहली बार किसी प्रधानमंत्री का नाम काले धन के खातों में आ रहा है। आयकर विभाग की एक रिपोर्ट के कागजात का दावा करके कहा, आदित्य बिड़ला ग्रुप में छापेमारी पर समूह कार्यकारी अध्यक्ष शुभेंदु अमिताभ के लैपटॉप में गुजरात मुख्यमंत्री के नाम के आगे 25 करोड़ रुपये का जिक्र मिलने का हवाला दिया गया है।
केजरीवाल ने बताया, ये रेड 15 अक्तूबर, 2013 में हुई थी। यहां एक अधिकारी के लैपटॉप में 16 नवंबर 2012 का एक मैसेज मिला। जिसमें गुजरात सीएम के सामने 25 करोड़ लिखे जाने के साथ-साथ उसके आगे लिखा था 12 डन, रेस्ट?। उसके आधार पर आयकर विभाग की तरफ से बिड़ला ग्रुप के उस अधिकारी से पूछताछ की गई तो उसने गुजरात सीएम का मतलब है गुजरात एल्कनी केमिकल बताया, जिसे रिपोर्ट में झूठा कहा गया है। इसी रिपोर्ट में बिड़ला परिवार के गुजरात में पेंडिंग प्रोजेक्ट की सूची थी, तो क्या प्रोजेक्ट के लिए पैसे लिए गए थे?
केजरीवाल ने कहा कि उस समय कांग्रेस की सरकार थी। उन्हें हंगामा कर देना चाहिए था। लेकिन पता चल गया था कि प्रधानमंत्री प्रोजेक्ट हो चुके हैं तो रॉबर्ट वाड्रा पर हाथ न डालने को लेकर सेटिंग हो गई। अब इस केस को खत्म करने की साजिश हो रही है। आयोग को खत्म करने के लिए फाइल भेज दी गई है। केजरीवाल ने राष्ट्रपति से मांग की है कि
इन कागजात की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कमेटी बनाई जाए। इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा घर में कीड़े-मकोड़े लग जाते हैं तो पेस्ट कंट्रोल किया जाता है, घर नहीं जलाते। यहां तो प्रधानमंत्री ने घर में ही आग लगा दी।
केजरीवाल ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए ये दावा किया है कि, 'आदित्य बिडला ग्रुप के लैपटॉप के ट्रांजैक्शन में यह उजागर हुआ है। उसमें लिखा है- गुजरात सीएम-25 करोड़।'
The laptop of Aditya Birla Group disclosed a transaction. Written - Gujarat CM-25Cr: Delhi CM pic.twitter.com/BIadqvtnLq
— ANI (@ANI_news) November 15, 2016
केजरीवाल आगे बोले कि सीबीआई ने आदित्य बिड़ला ग्रुप के नई दिल्ली वाले दफ्तर पर 2013 में एक रेड डाली थी जिसमें वहां से 25 करोड़ की ऐसी नकदी जब्त की थी जिसका कोई लेखा जोखा नहीं(अनअकाउंटेड मनी) था।
Income Tax document proving #ModiTakesBribes pic.twitter.com/EE4U1qji1M
— AAP (@AamAadmiParty) November 15, 2016
पीएम की कथनी और करनी में अंतर
केजरीवाल ने कहा नोट बंदी से अफरातफरी का माहौल है। नए नोट नहीं मिलने की वजह से लोग खुदकुशी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में अंतर है। गरीबों को लाइन में लगा दिया है, जिनके पास कालाधन है, उनका कुछ नहीं कर रहे हैं। राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि नोटबंदी का फैसला तुरंत वापस लेने का आदेश केंद्र सरकार को दें। वहीं प्रस्ताव में बैंक और एटीएम के बाहर लाइन में लगे आम आदमी को भ्रष्ट कहकर अपमान न करने की चेतावनी भी दी है।
एक तरफ नए नोट नहीं होने की वजह से शादियां टूट रही हैं तो दूसरी तरफ भाजपा वालों के दोस्त जनार्दन रेड्डी बेटी की शादी में 500 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, इनके नोट कैसे बदल रहे हैं? ढाई लाख रुपये वालों के पीछे पड़े हैं, डरा रहे हैं जबकि जनार्दन रेड्डी पर आयकर विभाग या सीबीआई वाले नहीं जाते?
केजरीवाल ने कहा अमीरों के एक लाख 14 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। उच्च्तम न्यायालय में कह दिया कि नाम नहीं बताएंगे। इसके अलावा 8 लाख 55 हजार करोड़ के लोन और हैं जिसमें 5 लाख करोड़ रुपये डूबने का जिक्र सीएजी की रिपोर्ट में है। अब भाजपा नेता कह रहे हैं कि जो पुराने नोट बैंक में जमा होंगे, उससे लोन देंगे।
मसलन उद्योगपतियों को लोन दे देंगे क्योंकि बैंक खाली पड़े हैं। अब ये सवाल उठ रहा है कि आम लोगों का पैसा सुरक्षित है या नहीं। शराब कारोबारी विजय माल्या पर बैंकों के 8000 करोड़ रुपये बकाया था, उसे भी भाजपा वालों ने भगा दिया। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अडानी ने 5,468 करोड़ रुपये देश से बाहर भेज दिए। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि जांच अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया गया। प्रधानमंत्री दोस्तों को बचा रहे हैं। इन लोगों के साथ मोदी जी की लेन-देन की दोस्ती है, लोग मोदी जी को पैसा देते हैं बदले में वे इनका काम करवाते हैं।
आरोप-हंगामे के बीच आपात सत्र खत्म
नोटबंदी के हालात पर चर्चा के लिए बुलाए गए विधानसभा के आपात सत्र का समय हंगामा, मुख्यमंत्री पर आरोप और फिर मुख्यमंत्री की तरफ से प्रधानमंत्री पर कालेधन के खाते में नाम शामिल होने के आरोप में खत्म हो गया। करीब सवा दो घंटे की बैठक में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विपक्ष के दो विधायक के अलावा अमानतउल्लाह खान, अलका लांबा, नितिन त्यागी ने अपनी बात रखी। सिर्फ सात लोगों ने दर्द बयां किया। इस दौरान विपक्ष के विधायकों ने एक बार वाकआउट भी किया ।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के प्रस्ताव पर नोट बंदी के करण खुदकुशी करने वालों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आपत्ति जताई और वाकआउट भी किया। फिर विजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कुछ कागजात का हवाला देकर विस अध्यक्ष की अनुमति के बिना कुछ आरोप लगाने शुरू किए।
इस दौरान सत्तापक्ष के विधायकों ने नरेंद्र मोदी हाय-हाय और नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए। फिर जब मुख्यमंत्री समापन भाषण दे रहे थे तब विजेंद्र गुप्ता ने हंगामा किया। इस पर विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने मार्शल को आदेश देकर विजेंद्र गुप्ता को सदन से बाहर करा दिया।
मैं लाइन में खुद लगूंगा, मां को नहीं लगाऊंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 97 वर्षीय मां हीराबा के नोट बदलने के लिए कतार में खड़े होने को लेकर भी अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, मोदी जी ने राजनीति के लिए मां को लाइन में लगाकर ठीक नहीं किया। कभी लाइन में लगना हो तो मैं खुद लगूंगा, मां को नहीं लगाऊंगा।
पीएम के खिलाफ 30 सितंबर को होना था ये खुलासा
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर बताया है कि स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये सबसे बड़ा खुलासा आम आदमी पार्टी सरकार 30 सितंबर, 2016 को करने वाली थी। लेकिन विधानसभा के विशेष सत्र में पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के कारण इसे टाल दिया गया था।
The biggest expose of independent India.This was planned for 30 Sept assembly session. Called off because of the surgical strike.
— Manish Sisodia (@msisodia) November 15, 2016