फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The game features without having died before Nikrne talent

सुविधाओं के अभाव में निखरने से पहले ही दम तोड़ रही खेल प्रतिभाएं 

Tue, 22 Mar 2016 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 22 Mar 2016 09:33 AM IST
विज्ञापन
The game features without having died before Nikrne talent
पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का खाका तैयार

खेल सुविधाओं के अभाव में मेवात की प्रतिभाएं निखरने से पहले ही दम तोड देती हैं। जिसका ताजा उदाहरण हाल ही में मेवात की धरती पर हुए प्रदेश स्तरीय अखाडा प्रतियोगिता में स्पष्ट देखने को मिला।

विज्ञापन


इस प्रतियोगिता में जहां अन्य जिलों के पहलानों ने खूब दम दिखाया, वहीं मेवात के पहलवान उनके आस-पास भी फटकते दिखाई नहीं दिए। इस सब के पीछे मेवात में खेल प्रतिभाओं के अनुकूल माहौल न बन पाना एक बडा कारण हैं।
विज्ञापन


ऐसा नहीं है कि यहां प्रतिभाएं नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन, उचित साधन व सुविधाओं के अभाव में वे निखर नहीं पाती। हालांकि एक-दो खिलाडी यहां पर हालिया परिपेक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर मेवात का नाम रोशन कर रहे हैं। लेकिन वे गिनती में नहीं आ पाते, क्योंकि उनकी संख्या बहुत कम हैं। खेल स्टेडियम खुद सुविधाओं के मोहताज: यहां खिलाडियों को सुविधा मिलना तो दूर करोडों की लागत से बने खंड स्तरीय राजीव गांधी खेल परिसर ही सुविधाओं के लिए मोहताज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन स्टेडियमों को लेकर पूर्व सरकार ने खूब प्रचार किया तो वर्तमान सरकार इनमें सुविधाएं उपलब्ध कराने के फिलहाल मूड में नहीं दिखाई दे रही हैं। दोनों ही हालातों में खिलाडियों के विकास एवं सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं हैं। करीब 5 वर्ष पहले बने इन स्टेडियमों में खिलाड़ियों के लिए कोच, बिजली-पानी, उपयुक्त मैदान के सहित अन्य क्या सुविधाएं है?

इसके लिए न तो सरकार कोई प्रयास कर रही हैं और न ही वातानुकूलित कमरों में प्लानिंग करने वाले अधिकारी इस पर विचार कर रहे हैं। जिसके कारण ये स्टेडियम बिना रख-रखाव और प्रयोग के खंडहरों में तब्दील हो चुके हैं। स्टेडियमों में उपजे झाड: हालात ये हैं कि मेवात में बनाए गए खेल परिसरों में खिलाडियों की पौध तैयार होना दूर की बात, यहां तो जंगली घास, झाड, कीकरों की पौध तैयार हो रही हैं।

मेवात में बनाए गए छ: स्टेडियमों पर 3 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मार्केटिंग बोर्ड द्वारा बनाए गए इन स्टेडियमों को 2011 में खेल विभाग को सौंप दिया गया था। लेकिन खेल विभाग इनके रखरखाव व खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए स्टेडियमों में आज तक कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है।


कर रहे हैं प्रयास: जिला खेल अधिकारी गंगादत्त यादव का कहना है कि स्टेडियमों की मरम्मत के लिए पंचायती राज विभाग को पत्र लिखा हुआ है, लेकिन वहां से अभी कोई जबाव नहीं मिला हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed