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कमल ध्यानी की मौत के मामले में पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली एक्सपोज : आप
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कमल ध्यानी की मौत के मामले में भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अब अदालत में पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली को एक्सपोज कर रहा है। खासकर सीसीटीवी फुटेज को लेकर पुलिस व सरकार घिर गई है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने ठेकेदार की गिरफ्तारी से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज मांगे जाने पर पुलिस ने कैमरे खराब होने का बहाना बना दिया। उनके अनुसार, यदि यह फुटेज सामने आ जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि पीड़ित परिवार पूरी रात अलग-अलग थानों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने ठेकेदार को घटना वाले दिन ही हिरासत में ले लिया था, लेकिन इसे छिपाया गया और अगले दिन औपचारिक गिरफ्तारी दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। भारद्वाज ने कहा कि यदि जनता और सोशल मीडिया का दबाव नहीं बनता तो शायद इस मामले में कोई कार्रवाई ही नहीं होती।
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उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाया कि वे शुरू से ही संबंधित विभागों और ठेकेदार को क्लीन चिट देते रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है, जहां बिना पर्याप्त सुरक्षा के गड्ढा छोड़ दिया गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई।
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कमल ध्यानी की मौत के मामले में भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अब अदालत में पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली को एक्सपोज कर रहा है। खासकर सीसीटीवी फुटेज को लेकर पुलिस व सरकार घिर गई है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने ठेकेदार की गिरफ्तारी से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज मांगे जाने पर पुलिस ने कैमरे खराब होने का बहाना बना दिया। उनके अनुसार, यदि यह फुटेज सामने आ जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि पीड़ित परिवार पूरी रात अलग-अलग थानों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।
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उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने ठेकेदार को घटना वाले दिन ही हिरासत में ले लिया था, लेकिन इसे छिपाया गया और अगले दिन औपचारिक गिरफ्तारी दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। भारद्वाज ने कहा कि यदि जनता और सोशल मीडिया का दबाव नहीं बनता तो शायद इस मामले में कोई कार्रवाई ही नहीं होती।
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उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाया कि वे शुरू से ही संबंधित विभागों और ठेकेदार को क्लीन चिट देते रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है, जहां बिना पर्याप्त सुरक्षा के गड्ढा छोड़ दिया गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई।