हॉकी टीम के पूर्व कप्तान को राहत, ब्रिटिश खिलाड़ी ने लगाया यौन शोषण का आरोप
हाईकोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह के खिलाफ निचली अदालत में विचाराधीन यौन शोषण मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
उनपर भारतीय मूल की पूर्व ब्रिटिश खिलाड़ी एवं उनकी प्रेमिका ने विवाह का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने सरदार सिंह पर आरोप लगाने वाली अंडर-19 ब्रिटिश टीम की पूर्व खिलाड़ी को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न सरदार सिंह की मुकदमे के खिलाफ दायर याचिका स्वीकार कर ली जाए।
अदालत ने मामले की सुनवाई 6 जनवरी 2017 तय की है। अदालत ने इस मामले में पुलिस को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सरदार सिंह ने ट्रायल कोर्ट के इस निर्णय को चुनौती दी है कि जिसमें महिला की शिकायत पर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
निचली अदालत में विचाराधीन यौन शोषण मामले की सुनवाई पर रोक
सरदार सिंह पर अपनी महिला प्रेमिका का यौन उत्पीड़न, शोषण, मानसिक व शारीरिक और भावनात्मक अत्याचार का आरोप है। याची सरदार सिंह ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए तर्क रखा कि निचली अदालत ने अपना निर्णय देने से पहले किसी भी प्रकार का नोटिस जारी कर उसे अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि सरदार सिंह ने उसे विवाह का वादा किया और शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद सिंह ने उससे रिश्ता तोड़ कर किसी अन्य महिला से संबंध बना लिए।
जब उसने विवाह के लिए कहा तो उसकी हत्या का प्रयास किया। इतना ही नहीं रजामंदी के बिना उसका गर्भपात करवाया। महिला का कहना है कि सरदार सिंह से उसकी मुलाकात वर्ष 2012 में लंदन में ओलंपिक के दौरान हुई व उससे शारीरिक संबंध बनाए थे। वहीं दूसरी तरफ सरदार सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उसे फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाया है।