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'यहां विदेशी महिलाओं से जांच के नाम पर की जाती है अश्लील हरकत, ये मानवाधिकारों का उल्लंघन है'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 19 Feb 2017 04:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के बैगर होम में एचआईवी पीड़ित अफ्रीकी महिला की मौत के बाद विदेशी मूल की महिलाओं के साथ जांच के नाम पर अश्लील हरकत की जाती है और दूतावास से संपर्क नहीं करने दिया जाता है, इसे लेकर आयोग की अध्यक्ष ने केंद्रीय गृहराज्यमंत्री को पत्र लिखा है।
बैगर होम में शुक्रवार को एचआईवी पीड़ित अफ्रीकी महिला की मौत मामले में दिल्ली महिला आयोग ने केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखकर दखल देने के साथ पूरे मामले की जांच करने की मांग रखी है। आयोग ने अपने पत्र में मानवाधिकारों के उल्लंघन का भी जिक्र किया है।
आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, हमने केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरण रिजिजू को लिखे पत्र में चार जनवरी की रात को बैगर होम में औचक निरीक्षण करने से लेकर समस्याओं के बारे में भी लिखा है। ताकि गृह मंत्रालय इस मामले में उचित कार्रवाई की सके।
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बैगर होम में शुक्रवार को एचआईवी पीड़ित अफ्रीकी महिला की मौत मामले में दिल्ली महिला आयोग ने केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखकर दखल देने के साथ पूरे मामले की जांच करने की मांग रखी है। आयोग ने अपने पत्र में मानवाधिकारों के उल्लंघन का भी जिक्र किया है।
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आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, हमने केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरण रिजिजू को लिखे पत्र में चार जनवरी की रात को बैगर होम में औचक निरीक्षण करने से लेकर समस्याओं के बारे में भी लिखा है। ताकि गृह मंत्रालय इस मामले में उचित कार्रवाई की सके।
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- फोटो : अमर उजाला
आयोग ने अपने पत्र में लिखा है कि आयोग टीम ने बगैर होम में फोरनर्स रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) द्वारा विभिन्न मामलों में नामजद विदेशी महिलाओं को भी रखवाया हुआ है।
आयोग की टीम को विदेशी मूल की महिलाओं ने अपनी समस्याएं भी बतायी थीं। उक्त महिलाओं का कहना था कि उन्हें यहां क्यों रखा गया है इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें कोई कानूनी सहायता के लिए वकील मुहैया कराया जाता है।
इन महिलाओं को परिवार के अलावा दूतावास से भी संपर्क करने नहीं दिया जाता है। मानवाधिकरों का उल्लघंन होने के साथ उजबेकिस्तान व कीनिया की दो महिलाओं ने बताया था कि वे पिछले 22 दिनों से एक ही कपड़ों में रह रही हैं, इनके साथ दो बच्चे भी शामिल थे।
आयोग की टीम को विदेशी मूल की महिलाओं ने अपनी समस्याएं भी बतायी थीं। उक्त महिलाओं का कहना था कि उन्हें यहां क्यों रखा गया है इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें कोई कानूनी सहायता के लिए वकील मुहैया कराया जाता है।
इन महिलाओं को परिवार के अलावा दूतावास से भी संपर्क करने नहीं दिया जाता है। मानवाधिकरों का उल्लघंन होने के साथ उजबेकिस्तान व कीनिया की दो महिलाओं ने बताया था कि वे पिछले 22 दिनों से एक ही कपड़ों में रह रही हैं, इनके साथ दो बच्चे भी शामिल थे।
रिहाई के बजाए अच्छे इलाज की जरूरत थी उस महिला को
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- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा पुलिस कर्मियों पर जांच के नाम पर अश्लील हरकत का भी आरोप लगाया था। इस मामले में आयोग एफआरआरओ को भी नोटिस भेजा, हालांकि कोई जवाब नहीं दिया गया।
इन्ही महिलाओं में से एक अफ्रीकी मूल की महिला की बृहस्पतिवार को तबीयत खराब हो गई और शुक्रवार को मौत हो गयी। सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने इस मामले में आयोग को बताया है कि पीड़ित की तबीयत खराब होने के बाद दो घंटे के अंदर ही एफआरआरओ ने इसकी रिहाई के आर्डर जारी कर दिए।
जबकि उस समय रिहाई की बजाय उसे अच्छे इलाज की जरूरत थी। इस संबंध में आयोग ने बैगर होम से मृतका की मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि सही जानकारी मिल सके।
हालांकि एफआरआरओ ने मृतका की तबीयत खराब होने की जानकारी आयोग को नहीं दी थी। हत्र्लांकि आयोग ने इससे पहले एफआरआरओ को नोटिस भेजकर उक्त विदेशी महिलाओं के केस पर जानकारी मांग रखी है।
इन्ही महिलाओं में से एक अफ्रीकी मूल की महिला की बृहस्पतिवार को तबीयत खराब हो गई और शुक्रवार को मौत हो गयी। सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने इस मामले में आयोग को बताया है कि पीड़ित की तबीयत खराब होने के बाद दो घंटे के अंदर ही एफआरआरओ ने इसकी रिहाई के आर्डर जारी कर दिए।
जबकि उस समय रिहाई की बजाय उसे अच्छे इलाज की जरूरत थी। इस संबंध में आयोग ने बैगर होम से मृतका की मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि सही जानकारी मिल सके।
हालांकि एफआरआरओ ने मृतका की तबीयत खराब होने की जानकारी आयोग को नहीं दी थी। हत्र्लांकि आयोग ने इससे पहले एफआरआरओ को नोटिस भेजकर उक्त विदेशी महिलाओं के केस पर जानकारी मांग रखी है।