देर से आया फैसला लेकिन उम्मीद है न्याय मिलेगा
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दादरी के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह भाटी और उनके साथी उदय आर्य की हत्या में सीबीआई ने पूर्व सांसद डीपी यादव समेत चार लोगों को दोषी करार दिया है। कोर्ट के इस फैसले पर महेंद्र सिंह भाटी के बेटे समीर भाटी का कहना है कि वो कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हैं। हालांकि, काफी देर से फैसला सुनाया गया लेकिन विश्वास है कि न्याय मिलेगा।
समीर भाटी का कहना है कि 13 सितंबर 1992 को दादरी के रेलवे फाटक पर उनके पिता महेंद्र सिंह भाटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके साथी उदय प्रकाश आर्य की भी इस हमले में मौत हो गई थी, जबकि चालक देवेंद्र, गनर वेदराम कौशिक घायल हो गए थे। 23 साल बाद सीबीआई न्यायालय ने हमलावरों को दोषी करार दिया है। वो न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं।
उनको विश्वास है कि आगे भी उनको न्याय मिलेगा। लंबे समय से परिवार को न्यायालय के निर्णय का इंतजार था। घटना में सीबीआई ने पूर्व सांसद डीपी यादव, करण यादव, प्रणीत भाटी, लक्कड़ पाला को दोषी करार दिया है। इनमें प्रणीत भाटी दादरी के रेलवे रोड पर ही रहता है। उसका पिता तेजपाल भाटी भी मामले में आरोपी थी, जिसकी मृत्यु हो चुकी है।
उदय आर्य की पत्नी देवेंद्री आर्य दादरी के मिहिर भोज बालिका जूनियर स्कूल में प्रधानचार्य हैं। उनकी बेटी उर्वशी की शादी हो चुकी है। उनका परिवार राव रामफल सिंह कॉलोनी में रह रहा है। स्कूल में पढ़ाकर उन्होंने परिवार का भरण पोषण किया है। हत्या के बाद परिवार का कोई भी सदस्य सामने नहीं आया था।
अब भी उदय आर्य की पत्नी के मकान पर ताला लगा हुआ था। आर्य के भाई और अन्य सदस्यों ने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। 13 सितंबर 1992 के दिन हुई इस घटना से 10 मिनट पहले ही उदय रेलवे रोड स्थित अपने आवास पर महेंद्र भाटी के साथ बैठे थे। उस दिन महेंद्र उनको बुलाकर अपने साथ ले गए थे, लेकिन दादरी रेलवे फाटक के खुलने के साथ ही विपरीत दिशा से आई दो गाड़ियों में सवार हमलावरों ने गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।