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नीट पेपर लीक : आरोप पत्र को आज संज्ञान लेगा कोर्ट, सुनवाई करनी है कि नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 08:05 PM IST
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- 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ाई गई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बृहस्पतिवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि शुक्रवार को अदालत आरोप पत्र के संज्ञान पर फैसला ले सकती है। साथ ही अदालत ने मामले के सभी 13 आरोपियाें की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी। अदालत ने कहा कि सीबीआई के आरोपपत्र और उसके साथ दाखिल दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच (स्क्रूटनी) पूरी हो चुकी है। अब अदालत 7 अगस्त को यह तय करेगी कि मामले में संज्ञान लिया जाए या नहीं।



सुनवाई में आरोपियों के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि उन्हें आरोपपत्र की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 18 अगस्त तय की। वहीं, दो आरोपित विकास बिवाल और दिनेश बिवाल की जमानत याचिका पर भी 18 अगस्त को सुनवाई होगी। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने दलील दी कि आरोपित हार्ड कॉपी में केस दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि करीब 20 हजार पन्नों के दस्तावेज केवल पेन ड्राइव के माध्यम से दिए गए हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में रहते हुए प्रभावी ढंग से देखना संभव नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सभी आरोपित स्वेच्छा से पॉलीग्राफ, लाइ डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। अदालत ने कहा कि इस अनुरोध पर 10 अगस्त को फैसला लिया जाएगा। सीबीआई ने इस आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। एजेंसी ने अदालत से कहा कि सरकार ने इस मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई है, इसलिए ऐसे आवेदनों पर आरोपियों पर लागत भी लगानी चाहिए।
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समय से न आने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली के फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने गुरुवार को कुछ बचाव पक्ष के वकीलों के सुबह 10 बजे अदालत में मौजूद न होने पर नाराजगी जताई। जज ने सभी वकीलों को हर दिन ठीक 10 बजे अदालत में पहुंचने का निर्देश दिया।
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