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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टेंट में बने अस्थायी थाने, वेबकैम से की जाती है सुनवाई
Sun, 12 Jul 2020 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 12 Jul 2020 06:08 AM IST
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डीसीपी द्वारका
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने थाने जाने के बजाय अब फरियादियों की सुनवाई के लिए उनके मोहल्ले में ही अस्थाई टेंट लगा दिए हैं। वहां पहले पीड़ितों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और फिर सुनवाई होती है।
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यदि थाने स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही तो उसके लिए द्वारका डीसीपी कार्यालय में वेबकैम से समस्या बताने की सुविधा दी गई है। डीसीपी द्वारका अंटो अल्फोंस प्रतिदिन जिले के लगभग पांच पीड़ितों की समस्या सुन रहे हैं।
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डीसीपी ने बताया कि कोरोना संक्रमण में पीड़ितों से सीधे मिलने के बजाय उनकी सुनवाई हाइटेक तरीके से की जा रही है। डीसीपी कार्यालय के बाहर एक जनसुनवाई काउंटर बनाया गया है। वहां कोई भी पीड़ित सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक अपनी समस्या बता सकता है।
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हालांकि, बड़े मामलों में किसी भी समस्या सुनवाई होती है। काउंटर पर पीड़ितों को हेडफोन उपलब्ध कराकर उनसे वेबकैम के जरिए बातचीत की जाती है। दूसरी तरफ डीसीपी भी अपने कार्यालय में वेबकैम से जनसुनवाई कर उनकी समस्या दर्ज करते हैं। समस्या दर्ज होने के बाद डीसीपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबंधित थाना प्रभारी से पूरे मामले का ब्योरा लेते हैं और जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए जाते हैं।
द्वारका जिले में जनसुनवाई के लिए कुछ इलाकों में अस्थाई टेंट लगाकर उसे ही थाने का प्रारूप दे दिया गया है। टेंट में पांच पुलिसकर्मी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर लोगों की सुनवाई कर रहे हैं। पीड़ितों के मुकदमे भी टेंट में ही दर्ज हो रहे हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद टेंट में मौजूद पुलिसकर्मी केस से जुड़े संबंधित पुलिस अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंप देते हैं। डीसीपी का कहना है कि पुलिसकर्मियों के लिए थानों के गेट पर जीडी रजिस्टर रख दिया गया है। वह बाहर से ही रजिस्टर पर अपने दिनभर का ब्यौरा अंकित कर देते हैं।