फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Temporary beds placed on the Singhu border to protect farmers from rain

सिंघु बॉर्डर पर किसानों को बारिश से बचाने के लिए लगाए गए अस्थायी बेड, 30 बसों में भी इंतजाम

Tue, 05 Jan 2021 01:11 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 05 Jan 2021 01:11 AM IST
विज्ञापन
Temporary beds placed on the Singhu border to protect farmers from rain
बारिश से बचाव के लिए टेंट की व्यवस्था करते किसान - फोटो : amar ujala

सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए बारिश से बचने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की ओर से आंदोलन स्थल पर अधिक ऊंचाई पर अस्थायी बेड की व्यवस्था की है। स्टेज के पास हाइवे के साथ बने टेंट और सोने की जगह पर जल भराव की आशंका को देखते हुए पहले ही सभी लकड़ी की मेज के उपर गद्दे बिछा दिए गए ताकि जलभराव की समस्या न रहे। बेड की ऊंचाई थोड़ी अधिक कर दी गई ताकि एक तरफ ढलान होने की वजह से पानी इकट्ठा न हो सके।

विज्ञापन


बेड को कपड़े की चटाई से ढक दिया गया, फिर गद्दे रखे गए ताकि जलभराव की चिंता न सताए। जालंधर निवासी जसविंदर सिंह ने कहा कि शुक्र है कि पहले ही बारिश से बचाव के लिए अस्थायी बेड लगा लिए गए थे। बारिश होने पर भी बचाव हो रहा है, जिससे काफी राहत मिली है। एक दिसंबर से दिल्ली-हरियाणा सीमा पर मौजूद हैं।
विज्ञापन


लुधियाना के किसान गुरमीत सिंह से जब दिल्ली के गिरते तापमान के बारे में पूछा गया तो कहा कि इतनी अधिक सर्दी नहीं है। पंजाब में इससे अधिक होती है, इसलिए हम ठंडे मौसम के लिए अभ्यस्त हैं। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह के मुताबिक संगठन की ओर से सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर ऐसे 1200 बिस्तर उपलब्ध कराए गए हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मौसम बदलने का पहले ही अंदेशा था, इसलिए जमीन पर गद्दे गीले न हो इसे ध्यान में रखते हुए अस्थायी बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। बिस्तर अधिक ऊंचाई पर होने की वजह से बारिश का पानी इकट्ठा होने से किसानों को परेशानी नहीं होगी। 

सिंघु-टीकरी बॉर्डर पर भेजी जाएंगी 30 बसें, सोने के लिए लगाए गए बेड सिरसा ने कहा कि अगले कुछ दिनों में टीकरी और सिंघु सीमा पर कुछ बसें भी भेजी जाएंगी। इनमें किसानों की सुविधा का ध्यान रखते हुए बेड लगाए जाएंगे ताकि किसी भी मौसम में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।


स्कूल और कॉलेजों के लिए लगाई गई बसों में आंदोलनरत किसानों के लिए आशियाना तैयार किया जाएगा। हमने सीटों को बेड में बदल दिया है ताकि किसान आसानी से सो सकें। बारिश और ठंड से किसानों के लिए 30 बसें सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर भेजी जाएंगी। अब गाजीपुर अन्य दो स्थलों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।डीएसजीएमसी की ओर से पहले ही तीनों विरोध स्थलों पर लंगर, चिकित्सा सहायता, कंबल, टेंट और साथ ही एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed