{"_id":"6a749fe398f78c97e70ad92a","slug":"teacher-claimed-to-be-a-doctor-the-move-backfired-on-him-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-149410-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: टीचर ने डॉक्टरी पर लगाया दावा, झटका खुद पर ही आ गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: टीचर ने डॉक्टरी पर लगाया दावा, झटका खुद पर ही आ गिरा
विज्ञापन
28 साल बाद पुलिस अधिकारी हत्या के आरोपी राजिंदर की गिरफ्तारी
डॉ. झटका के नाम से चला रहा था क्लीनिक
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 28 सालों से फरार हत्या के आरोपी राजिंदर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 1999 में उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत से हथकड़ी सहित फरार हो गया था। वर्तमान में मध्यप्रदेश में डॉ. झटका नाम से क्लीनिक का संचालन कर रहा था।
राजिंदर 10 मई 1998 को हरियाणा के सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद में पांच साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग में शामिल था, जिसमें हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान (दुल्हन के चाचा) की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। 14 फरवरी 1999 को गाजियाबाद जेल से सोनीपत अदालत ले जाते समय वह हथकड़ी लगे होने के बावजूद फरार हो गया।
फरारी के दौरान उसने महाराष्ट्र के कोलाबा में पीटी शिक्षक का काम किया, इसके बाद उसने मध्य प्रदेश में राजेंद्र सिंह यादव बनकर नई पहचान बनाई। राजेंद्र सिंह यादव नाम के फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। वर्ष 2003 में उसने एएनएम ममता यादव से शादी की। ममता एक सरकारी अस्पताल में काम करती हैं।
विज्ञापन
शादी के बाद बिना पंजीकरण के डॉ. झटका के नाम से क्लीनिक चलाने लगा। साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग भी करता था। उसके दो बच्चे हैं जो कक्षा 11 व 12 में पढ़ते हैं। राजिंदर के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट व चोरी सहित कई मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
डॉ. झटका के नाम से चला रहा था क्लीनिक
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 28 सालों से फरार हत्या के आरोपी राजिंदर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 1999 में उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत से हथकड़ी सहित फरार हो गया था। वर्तमान में मध्यप्रदेश में डॉ. झटका नाम से क्लीनिक का संचालन कर रहा था।
राजिंदर 10 मई 1998 को हरियाणा के सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद में पांच साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग में शामिल था, जिसमें हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान (दुल्हन के चाचा) की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। 14 फरवरी 1999 को गाजियाबाद जेल से सोनीपत अदालत ले जाते समय वह हथकड़ी लगे होने के बावजूद फरार हो गया।
विज्ञापन
फरारी के दौरान उसने महाराष्ट्र के कोलाबा में पीटी शिक्षक का काम किया, इसके बाद उसने मध्य प्रदेश में राजेंद्र सिंह यादव बनकर नई पहचान बनाई। राजेंद्र सिंह यादव नाम के फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। वर्ष 2003 में उसने एएनएम ममता यादव से शादी की। ममता एक सरकारी अस्पताल में काम करती हैं।
विज्ञापन
शादी के बाद बिना पंजीकरण के डॉ. झटका के नाम से क्लीनिक चलाने लगा। साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग भी करता था। उसके दो बच्चे हैं जो कक्षा 11 व 12 में पढ़ते हैं। राजिंदर के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट व चोरी सहित कई मामले दर्ज हैं।