आरुषि हत्याकांडः 9 साल बाद बरी हुए तलवार दंपति, परिजनों ने फैसले पर सबको बोला थैंक्यू
देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री में से एक नोएडा के चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में तलवार दंपति की अपील को मंजूर करते हुए उन्हें बरी कर दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दोनों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए क्योंकि निचली अदालत का फैसला ठोस सबूतों पर नहीं बल्कि परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर था। अदालत का फैसला आने के बाद तलवार दंपति के परिजन सामने आए हैं और फैसले के लिए कोर्ट समेत सभी को थैंक्यू कहा।
राजेश तलवार की भाभी ने अपने बयान में कहा कि वह कोर्ट के साथ ही उन सभी लोगों को धन्यवाद कहना चाहती हैं जिन्होंने मुश्किल वक्त में हमारे परिवार को मानसिक रूप से, आर्थिक रूप से और भावनात्मक रूप से सहारा दिया। उन्होंने उन तमाम लोगों को भी शुक्रिया कहा जिनसे वो मिली नहीं हैं लेकिन उनके मेल आदि उन्हें मिलते हैं।
Deeply relieved. Had suffered for 10 yrs. Grateful to HC for acquitting them: Vandana Talwar, Rajesh Talwar's sister-in-law #AarushiVerdict pic.twitter.com/lWFeJ9jYUO
— ANI (@ANI) October 12, 2017
आरुषि के नाना ने भी कोर्ट को न्याय देने के लिए धन्यवाद दिया और न्याय व्यवस्था पर अपना भरोसा जताया।
Grateful to judiciary. Have seen them suffering. It has been really testing. I am emotionally drained: BG Chitnis, Nupur Talwar's father pic.twitter.com/ogwbJk3HJo
— ANI (@ANI) October 12, 2017
आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां डॉ. नूपुर तलवार बेटी व नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में उम्रकैद सजा काट रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
तलवार दंपति की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सितंबर 2016 से सुनवाई चल रही थी। 11 जनवरी 2017 को इस इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है। हाईकोर्ट ने केस में 12 अक्तूबर 2017 को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की थी, जिसमें उन्हें आज रिहा करने का फैसला आाया।
ये रही पूरे केस की टाइमलाइन
2008
- 16 मई: नोएडा के जलवायु विहार में डेंटिस्ट राजेश और नुपुर तलवार की बेटी आरुषि तलवार अपने बेडरूम में मृत मिली।
- 17 मई: फ्लैट की छत पर नौकर हेमराज का शव मिला। सबसे बड़ी बात थी कि छत का गेट अंदर से बंद था।
- 18 मई: पुलिस ने कहा कि मर्डर बिल्कुल मंझे हाथों से हुआ था। पुलिस ने शुरूआती जांच में घरवालों पर ही शक होने की बात कही।
- 23 मई: आरुषि के पिता राजेश तलवार को डबल मर्डर के लिए गिरफ्तार किया गया।
- 1 जून: नोएडा पुलिस की जगह यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया।
- 13 जून: नार्को टेस्ट के बाद सीबीआई ने डॉ. तलवार के कंपाउंडर कृष्णा को गिरफ्तार किया।
- 20 जून: राजेश तलवार का लाई डिटेक्शन टेस्ट किया गया।
- 25 जून: दूसरा लाई डिटेक्शन टेस्ट आरुषि की मां नुपुर तलवार का किया गया। अब तक की जांच में नुपुर का यह पहला टेस्ट था।
- 26 जून: सीबीआई ने इसे 'ब्लाइंड केस' करार दिया। राजेश तलवार की जमानत अर्जी गाजियाबाद मजिस्ट्रेट ने ठुकरा दी।
- 27 जून: डॉ. अनिता दुर्रानी के नौकर राजकुमार को सीबीआई ने किया गिरफ्तार।
- 11 जुलाई: डॉ. तलवार के पड़ोस में रहने वाले नौकर विजय मंडल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार. 50 दिन जेल में रहने के बाद डॉ. राजेश तलवार रिहा।
- 12 जुलाई: गाजियाबाद कोर्ट ने राजेश तलवार को बेल दे दी।
2009
- फरवरी: 15 फरवरी से 20 फरवरी के बीच डॉ. तलवार का नार्को-एनालिसिस टेस्ट किया गया।
- 29 दिसंबर: सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर की। इसमें नौकर को क्लीनचिट दे दी जबकि तलवार दंपत्ति को इसमें मुख्य आरोपी करार दिया।
2011
- 25 जनवरी: गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में राजेश तलवार पर उत्सव शर्मा ने हमला किया। इसमें डॉ. तलवार के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
- 9 फरवरी: गाजियाबाद की विशेष अदालत ने तलवार दंपती पर सबूत मिटाने और आरुषि हत्याकांड में शामिल होने का आरोप तय किया।
- 21 फरवरी: तलवार दंपत्ति ने अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया।
- 18 मार्च: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति की अर्जी खारिज कर दी।
- 19 मार्च: दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की।
2012
- 14 मार्च: सीबीआई ने राजेश तलवार की बेल खारिज करने के लिए अर्जी दायर की।
- 11 अप्रैल: कोर्ट ने नुपुर तलवार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। नुपुर तलवार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। जिसपर पर कोर्ट ने नुपुर की गिरफ्तारी पर तीस अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी।
- 30 अप्रैल: नुपुर तलवार ने सीबीआई की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने जेल भेजा।
- 3 मई: सेशन कोर्ट ने नुपुर तलवार की बेल अर्जी खारिज कर दी।
- 25 मई: गाजियाबाद कोर्ट ने तलवार दंपत्ति को मर्डर, साजिश और तथ्यों से छेड़छाड़ करने की साजिश में आरोपी पाया।
- सितंबर 2012: डॉ. नूपुर तलवार जमानत पर रिहा हुईं।
2013
- अप्रैल: सीबीआई अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि तलवार दंपत्ति ने ही आरुषि और हेमराज की हत्या की है। सीबीआई ने बताया कि वो दोनों आपत्तिजनक हालत में पाए गए थे।
- 3 मई: बचाव पक्ष ने विशेष कोर्ट से सीबीआई के पूर्व निदेशक अरुण कुमार समेत 14 लोगों को गवाह के तौर पर बुलाने की अपील की। सीबीआई ने इस याचिका का विरोध किया।
- 6 मई: कोर्ट ने बचाव पक्ष की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार के बयान रिकार्ड करने का आदेश दिया।
- 13 मई: सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई के पूर्व निदेशक अरुण कुमार समेत 14 लोगों को गवाह के तौर पर बुलाने की डॉ. राजेश तलवार की अपील खारिज कर दी।
- 25 नवंबर: गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर को दोषी ठहराया।
2014
- 21 जनवरी: तलवार दंपत्ती लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की।
2017
- 11 जनवरी: हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ती की अपील पर फैसला सुरक्षित किया।
- 1 अगस्त: हाईकोर्ट ने कहा कि दंपत्ती की अपील पर फिर से सुनवाई करेंगे, क्योंकि सीबीआई के दावों में विरोधभास है।
- 8 सितंबर: हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया।