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बदलते मौसम में रखें सेहत का ख्याल, संक्रामक रोगों से बचने के लिए बरतें विशेष सावधानी

Mon, 05 Oct 2020 05:42 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 05 Oct 2020 05:42 PM IST
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Take care of your health in the changing season, take special precautions to avoid infectious diseases
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मौसम परिवर्तन के साथ कई बीमारियां भी पैर पसार रही हैं। यदि किसी को कोरोना के साथ यह बीमारियां भी हो जाएं तो जान भी जान सकती है। लगभग 15 दिनों से राजधानी के अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड आदि संक्रामक रोगों के मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि किसी भी बीमारी का मामूली लक्षण भी नजर आए तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क किया जाए।

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अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि बरसात के बाद और सर्दी से पहले का मौसम विषाणुओं के पनपने के लिए अनुकूल होता है। इस मौसम में मच्छर भी बढ़ जाते हैं, जो डेंगू, स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ने लगती है। शरीर की इम्युनिटी कम होने के कारण बच्चों, बूढ़ों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित रोगियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत हैै। इसलिए संतुलित भोजन लें और बुखार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।
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एम्स के डॉक्टर अमरिंदर बताते हैं कि अस्पतालों में अन्य संक्रामक रोगों के मामले पिछले साल के मुकाबले काफी कम आ रहे हैं, लेकिन फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को कोरोना और अन्य संक्रामक रोगों में फर्क समझना काफी जरूरी है। इनके लक्षणों में थोड़ा फर्क भी होता है। डेंगू होने पर तेज बुखार, बदन खासकर जोड़ों में तेज दर्द होता है। उल्टी-दस्त भी हो सकते हैं। डेंगू होने पर प्लेटलेट्स असामान्य रूप से गिरने लगती हैं। इसलिए इस बीमारी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। मलेरिया में ठंड के साथ बार-बार बुखार आता है। सिरदर्द, ठंड लगना और फिर पसीना आना मलेरिया के लक्षण होते हैं। इसलिए यह काफी जरूरी है कि लोग इन बीमारियों के लक्षणों की पहचान के अनुसार समय पर इलाज कराएं।
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बुखार की समस्या को कोरोना से न जोड़ें
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर जुगल किशोर का कहना है कि इस मौसम में गला खराब होने और सर्दी जुकाम की शिकायत होना आम बात है। ऐसा होने पर न घबराएं और इसे कोरोना से न जोड़ें। बेहतर होगा कि गर्म पानी से गरारे करें और दिन में चार से पांच बार भाप लें। सर्दी-जुकाम गले का यह सबसे बेहतर उपचार है। बुखार के साथ यदि सूखी खांसी आए और सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सक के पास जाएं।

ये बरतें सावधानियां

  • बुखार या अन्य कोई लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
  • डॉक्टर की सलाह लिए बिना घर पर ही दवाई लेने से बचें।
  • हल्का और संतुलित भोजन खाएं।
  • ठंडा पानी पीने से बचें।
  • आसपास सफाई रखें।
  • हमेशा साफ पानी पीएं।


मच्छरों से बचाव जरूरी

  • घर से बाहर निकलें तो पूरा शरीर अच्छी तरह से ढका होना चाहिए।
  • घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरों से बचाव के लिए कीटनाशक स्प्रे का प्रयोग करें।
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