एलजी ने स्वाति को ऑफिस आने से किया मना
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दिल्ली महिला आयोग स्वाति मालीवाल और राजभवन के बीच आरोपों की गोलाबारी चरम पर पहुंच गई है। बुधवार शाम को स्वाति ने ट्वीट किया कि उपराज्यपाल कार्यालय से फोन कर उन्हें आयोग में काम करने से मना कर दिया गया है।
वहीं रात को एलजी ऑफिस ने इसका सिरे से खंडन कर दिया। ऑफिस से कहा गया है कि स्वाति मालीवाल या उनके ऑफिस में उपराज्यपाल ने कोई फोन नहीं किया है। मालीवाल ने जो ट्वीट किया है वह झूठ है। स्वाति से बुधवार तो दूर, एलजी नजीब जंग ने कभी भी कोई बातचीत नहीं की।
इधर मालीवाल के मुताबिक, एलजी आफिस से फोन दिल्ली महिला आयोग गया था, जिसमें सूचना दी गई थी कि अध्यक्ष की नियुक्ति उपराज्यपाल की सहमति के बगैर की गई है।
इसलिए उन्हें बृहस्पतिवार से कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। आयोग से हमें यह सूचना मिली। ऐसा लगता है कि वह बृहस्पतिवार को आयोग के कार्यालय में ताला लगा सकते हैं।
स्वाति मालीवाल ने ये लिखा ट्वीट में
स्वाति ने पहले ट्वीट में लिखा,‘हम बृहस्पतिवार को मीनाक्षी की हत्या पर जांच बिठाने वाले थे। पुलिस से पूछा जाता कि ऐसी कितनी महिलाएं हैं, जिन्होंने छेड़खानी की शिकायत आज तक करवाई है?’
दूसरे ट्वीट में लिखा है कि उनकी शिकायतों पर अभी तक क्या कार्रवाई हुई? क्या इन महिलाओं को सुरक्षा दी गई? क्या इन मुकदमों में चार्जशीट हुई? स्वाति ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा है,‘एलजी साहब ने कॉल करके बोला है कि कल से मुझे ऑफिस नहीं आना है और मेरी सारी फाइल वापिस ली जा रही हैं।
डीसीडब्ल्यू में कल ताला लगा दिया जाएगा।’इसके आगे वह लिखती हैं कि मेरा मनोबल आज तक कोई भी नहीं हिला पाया है। दस साल से इस सिस्टम से महिलाओं के लिए जंग लड़ रही हूं और आगे भी लड़ती रहूंगी। मैं दिल्ली की महिलाओं को यह विश्वास दिलाना चाहती हूं कि आयोग की अध्यक्ष रहूं या नहीं। मैं जमीन पर काम करती रहूंगी।