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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Swati demands FIR and investigation after school building in Shahbad Dairy turns into ruins in five years

Delhi NCR News: शाहबाद डेयरी में स्कूल इमारत पांच साल में खंडहर होने पर स्वाति एफआईआर व जांच की मांग की

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jan 2026 08:24 PM IST
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जर्जर स्कूल भवन पर सियासत गरमाई, स्वाति मालिवाल ने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शाहबाद डेयरी स्थित सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की जर्जर हालत को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखकर स्कूल निर्माण में भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की मांग की है। सांसद ने कहा कि 2020 में बनी इस इमारत का तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उद्घाटन किया था और सरकारी प्रचार में वर्ल्ड क्लास मॉडल स्कूल बताया था, मगर इस इमारत का महज पांच साल में ही खतरनाक घोषित कर बंद करनी पड़ी। स्वाति मालिवाल ने पत्र में लिखा कि स्कूल के निर्माण के पहले ही साल से खंभों में दरारें दिखने लगी थीं और छत से पानी टपकने की शिकायतें आने लगी थीं। चार मंजिला इमारत इतनी घटिया गुणवत्ता की थी कि बारिश के दौरान ऊपर से पानी सीधे नीचे तक पहुंच जाता था। इससे कंप्यूटर लैब में रखे नए कंप्यूटर तक खराब हो गए। हालात इतने खराब हो गए कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को बंद करना पड़ा।
सांसद ने खुद मौके पर जाकर इमारत का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स के पैसे से बनी, कुछ साल पुरानी इमारत का इस हालत में पहुंच जाना बेहद गंभीर मामला है। स्कूल बंद होने के बाद छात्राओं को रोहिणी सेक्टर-27 स्थित सर्वोदय स्कूल में शिफ्ट किया गया है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। स्वाति मालिवाल ने सुबह छह बजे इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
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उन्होंने बताया कि शाहबाद डेयरी की सैकड़ों छात्राएं अंधेरे और सुनसान रास्तों से एक घंटे से अधिक पैदल चलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। सुरक्षा के डर से कई माता-पिता ने बेटियों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। जो छात्राएं बस से जाती हैं, उन्हें भी खचाखच भरी बसों और दूर स्थित बस स्टॉप से पैदल चलने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक है, जिससे स्कूल में अनुपस्थिति तेजी से बढ़ रही है।
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