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सुरेंद्र कोली बोला-शिव की आराधना से टली फांसी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 30 Jan 2015 01:32 AM IST
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मासूम बच्चों से दुष्कर्म और फिर उनकी हत्या करने वाले निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को भी अपने कुलदेवता भगवान शिव से आस है कि वह उसे बचा ही लेंगे।
वह तो फांसी की जगह उम्रकैद के फैसले की वजह भी कुलदेवता का आशीर्वाद बताता है। यही कारण है कि वह हाई सिक्योरिटी बैरक में प्रतिदिन कम से कम तीन घंटे शिव की पूजा करता है।
इस दौरान वह किसी भी प्रकार का विघ्न नहीं चाहता और किसी से बात भी नहीं करता। हत्यारे को उम्मीद है कि उसके कुलदेवता उसे बचा ही लेंगे।
डासना जेल प्रशासन की माने तो प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक कोली अपनी हाई सिक्योरिटी बैरक में बैठकर शिव की पूजा करता है।
जेल अस्पताल के डाक्टर सुनील त्यागी की माने तो पिछले दिनों उन्होंने किसी काम से कोली को बुलाया था। इस पर सुरेंद्र कोली उनके पास आ तो गया, मगर उसने साफ कह दिया कि शाम 6 से 9 उसकी पूजा का समय होता है। ऐसे में आगे से उसे इस समय न बुलाया जाए।
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सरकार से मिले वकीलों के भरोसे रहता तो चढ़ जाता फांसी
फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील किया तो अब कोली सरकार की ओर से मिले वकीलों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बृहस्पतिवार को पेशी पर आए कोली का कहना था कि सरकार से मिले इन वकीलों के सहारे केस लड़ता तो अब तक फांसी लग चुकी होती। सरकार ने पहले सभी केसों में अलग-अलग वकील मुहैया कराए थे, मगर कोई कुछ बोलता ही नहीं था।
कोली ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अपने केस में वह खुद ही बहस करता है। केस की तैयारी वह कानून की किताबों से नहीं, बल्कि निठारी कांड से संबंधित खबरें छपने के बाद अखबारों की कटिंग से करता है। उसे पहले से ही यकीन था कि फांसी नहीं होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति से की मांग, जांच करे विदेशी एजेंसी
सुरेंद्र कोली का कहना है कि वह पहले भी दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर मांग कर चुका है कि निठारी कांड प्रकरण की जांच किसी भारतीय एजेंसी से न कराकर विदेशी एजेंसी से कराई जाए, मगर उसके पत्र शायद बराक ओबामा तक नहीं पहुंचे। अब एक बार फिर वह उन्हें पत्र लिखकर यही मांग दोहराएगा।
कोली के सभी केसों में की जाएगी पैरवी
पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिव राइट्स संस्था के पदाधिकारियों युग चौधरी, सिद्धार्थ और रागिनी आहूजा का कहना है कि हाईकोर्ट में पेंडिंग पडे़ सुरेंद्र कोली के सभी मामलों में पैरवी की जाएगी। संस्था अब उसके केस की फाइलों की रीड़िंग कर रही है।
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वह तो फांसी की जगह उम्रकैद के फैसले की वजह भी कुलदेवता का आशीर्वाद बताता है। यही कारण है कि वह हाई सिक्योरिटी बैरक में प्रतिदिन कम से कम तीन घंटे शिव की पूजा करता है।
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इस दौरान वह किसी भी प्रकार का विघ्न नहीं चाहता और किसी से बात भी नहीं करता। हत्यारे को उम्मीद है कि उसके कुलदेवता उसे बचा ही लेंगे।
डासना जेल प्रशासन की माने तो प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक कोली अपनी हाई सिक्योरिटी बैरक में बैठकर शिव की पूजा करता है।
जेल अस्पताल के डाक्टर सुनील त्यागी की माने तो पिछले दिनों उन्होंने किसी काम से कोली को बुलाया था। इस पर सुरेंद्र कोली उनके पास आ तो गया, मगर उसने साफ कह दिया कि शाम 6 से 9 उसकी पूजा का समय होता है। ऐसे में आगे से उसे इस समय न बुलाया जाए।
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सरकार से मिले वकीलों के भरोसे रहता तो चढ़ जाता फांसी
फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील किया तो अब कोली सरकार की ओर से मिले वकीलों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बृहस्पतिवार को पेशी पर आए कोली का कहना था कि सरकार से मिले इन वकीलों के सहारे केस लड़ता तो अब तक फांसी लग चुकी होती। सरकार ने पहले सभी केसों में अलग-अलग वकील मुहैया कराए थे, मगर कोई कुछ बोलता ही नहीं था।
कोली ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अपने केस में वह खुद ही बहस करता है। केस की तैयारी वह कानून की किताबों से नहीं, बल्कि निठारी कांड से संबंधित खबरें छपने के बाद अखबारों की कटिंग से करता है। उसे पहले से ही यकीन था कि फांसी नहीं होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति से की मांग, जांच करे विदेशी एजेंसी
सुरेंद्र कोली का कहना है कि वह पहले भी दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर मांग कर चुका है कि निठारी कांड प्रकरण की जांच किसी भारतीय एजेंसी से न कराकर विदेशी एजेंसी से कराई जाए, मगर उसके पत्र शायद बराक ओबामा तक नहीं पहुंचे। अब एक बार फिर वह उन्हें पत्र लिखकर यही मांग दोहराएगा।
कोली के सभी केसों में की जाएगी पैरवी
पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिव राइट्स संस्था के पदाधिकारियों युग चौधरी, सिद्धार्थ और रागिनी आहूजा का कहना है कि हाईकोर्ट में पेंडिंग पडे़ सुरेंद्र कोली के सभी मामलों में पैरवी की जाएगी। संस्था अब उसके केस की फाइलों की रीड़िंग कर रही है।