सुप्रीम कोर्ट ने कोली की दया याचिका खारिज की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा के चर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा पर पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। मंगलवार को कोली की फांसी की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा है।
अटॉर्नी सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने कोली पुनर्विचार याचिका को रद्द करने का कारण बताते हुए कहा कि कोली ने ये याचिका इस आधार पर दायर की थी कि उनसे गुनाह को जबरन कबूल करवाया गया था। उसने अपनी इच्छा से जुर्म कबूल नहीं किया था।
इस पर कोर्ट ने उसकी इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कोली की फांसी पर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद उसकी फांसी तय हो गई है।
मालूम हो कि सुरेंद्र कोली को निठारी कांड के पांच अलग-अलग मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। यहां तक कि एक मामले में उसके खिलाफ गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से डेथ वारंट जारी किया जा चुका है।
सितंबर में ही हो जाती कोली को फांसी!
कोली को जारी किए गए डेथ वारंट के अनुसार कोली को पांच से 12 सितंबर के बीच फांसी होनी थी। इसके लिए कोली को डासना जेल से मेरठ जेल भी शिफ्ट कर दिया गया था।
सात सितंबर को काफी हल्ला था कि कोली को अगले दिन सुबह ही फांसी हो जाएगी। लेकिन इसी दौरान सात सितंबर की रात को ही सुप्रीम कोर्ट ने कोली की फांसी पर एक हफ्ते के लिए रोक लगा दी।
फांसी की सजा टलने के बाद कोली को दोबारा गाजियाबाद जेल ट्रांसफर कर दिया गया। एक सप्ताह के बाद इस मामले की सुनवाई के लिए 28 अक्तूबर यानी आज मंगलवार की तारीख तय की गई थी।