{"_id":"5bf43cd0bdec226d0679dd43","slug":"supreme-court-again-warns-amrapali-group","type":"story","status":"publish","title_hn":"आम्रपाली समूह को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- 'अदालत की आंखों में धूल न झोंके'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आम्रपाली समूह को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- 'अदालत की आंखों में धूल न झोंके'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:26 PM IST
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फाइल फोटो
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बार फिर आम्रपाली समूह के रवैये पर एतराज जताया। शीर्ष अदालत ने कहा कि पिछले एक वर्ष में डेढ़ दर्जन से अधिक पारित किए गए लेकिन अपने सही तरीकेसे उनका पालन नहीं किया गया।
न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने समूह से कहा कि लगातार अदालत की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीठ ने अदालती आदेशों केअनुपालन का आखिरी मौका देते हुए समूह के निदेशक से कहा कि वह हलफनामा दायर कर बताएं कि अदालती आदेश का पालन हुआ है। पीठ ने समूह को तीन दिसंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
साथ ही पीठ ने कहा है कि एक अप्रैल 2008 से लेकर अब तक समूह की कंपनियों, उनकेनिदेशकों, रिश्तेदारों, ऑडिटर्स व चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर ने जो भी संपत्तियां बनाई है, इन सभी की जानकारी दी जाए। अगर किसी अन्य केनाम से देश या देश के बाहर संपत्तियां बनाई गई हैं तो उनका भी ब्योरा दिया जाए।
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सुनवाई केदौरान फ्लैट खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहौटी ने कहा कि 31 जनवरी से 13 नवंबर केबीच करीब 20 आदेश पारित किए गए। लेकिन इनमें से किसी भी आदेश का समूह ने सही से पालन नहीं किया। अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।
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न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने समूह से कहा कि लगातार अदालत की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीठ ने अदालती आदेशों केअनुपालन का आखिरी मौका देते हुए समूह के निदेशक से कहा कि वह हलफनामा दायर कर बताएं कि अदालती आदेश का पालन हुआ है। पीठ ने समूह को तीन दिसंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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साथ ही पीठ ने कहा है कि एक अप्रैल 2008 से लेकर अब तक समूह की कंपनियों, उनकेनिदेशकों, रिश्तेदारों, ऑडिटर्स व चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर ने जो भी संपत्तियां बनाई है, इन सभी की जानकारी दी जाए। अगर किसी अन्य केनाम से देश या देश के बाहर संपत्तियां बनाई गई हैं तो उनका भी ब्योरा दिया जाए।
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सुनवाई केदौरान फ्लैट खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहौटी ने कहा कि 31 जनवरी से 13 नवंबर केबीच करीब 20 आदेश पारित किए गए। लेकिन इनमें से किसी भी आदेश का समूह ने सही से पालन नहीं किया। अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।