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Delhi NCR News: चार साल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को पीएचडी के लिए देनी होगी प्रवेश परीक्षा
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से चार साल की स्नातक पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए बिना परास्नातक किए सीधे पीएचडी में दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इसके लिए छात्रों को डीयू की प्रवेश परीक्षा देनी होगी। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर यह परीक्षा आयोजित करेगा।
डीयू के कुलसचिव विकास गुप्ता ने बताया कि पीएचडी दाखिले के लिए आवेदन पोर्टल अगले सप्ताह तक शुरू कर दिया जाएगा। चार साल की स्नातक डिग्री पूरी करने वाले छात्र बिना परास्नातक डिग्री के पीएचडी में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह फैसला नई शिक्षा नीति-2020 के तहत चार साल के स्नातक कार्यक्रम के पहले बैच के पास होने के बाद लिया गया है। डीयू ने अपने नियमों में बदलाव कर चार साल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को सीधे पीएचडी करने का अवसर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सीधे पीएचडी में दाखिले के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों के पास कम से कम 7.5 सीजीपीए होना जरूरी है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए यह सीमा सात सीजीपीए रखी गई है। संवाद
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डीयू के कुलसचिव विकास गुप्ता ने बताया कि पीएचडी दाखिले के लिए आवेदन पोर्टल अगले सप्ताह तक शुरू कर दिया जाएगा। चार साल की स्नातक डिग्री पूरी करने वाले छात्र बिना परास्नातक डिग्री के पीएचडी में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह फैसला नई शिक्षा नीति-2020 के तहत चार साल के स्नातक कार्यक्रम के पहले बैच के पास होने के बाद लिया गया है। डीयू ने अपने नियमों में बदलाव कर चार साल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को सीधे पीएचडी करने का अवसर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सीधे पीएचडी में दाखिले के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों के पास कम से कम 7.5 सीजीपीए होना जरूरी है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए यह सीमा सात सीजीपीए रखी गई है। संवाद
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