और कितनी जानें लेगा सुभाष चौक?
सुभाष चौक पर सोमवार को हुए हादसे के बाद एक बार फिर प्रशासन की नाकामी को उजागर कर दिया है। चौक के चारों तरफ फुटपाथ तोड़े जाने से लोगों को सड़क पर पैदल चलना पड़ रहा है।
यही कारण है कि यह चौक अब दुर्घटनाओं का पर्याय बन गया है। सोमवार को हुई दुर्घटना के बाद जब अगले दिन यहां का दौरा किया गया तो हालात पहले जैसे ही बने हुए थे। चौक के चारों तरफ ट्रैफिक सिग्नल से लेकर ट्रैफिक पुलिसकर्मी गायब दिखे।
टूटे हुए फुटपाथ के चलते लोग मजबूरन सड़क पर जान जोखिम में डालकर पैदल चल रहे हैं। यहां सोमवार को मेदांता अस्पताल के डाक्टर और उनकी बेटी को एक बस ने अपनी चपेट में ले लिया था जिसके बाद भी अगले दिन यहां सब कुछ वैसे का वैसा ही था।
निर्माणाधीन फ्लाईओवर में देरी भी बन रही एक्सीडेंट का कारण
बख्तावर चौक से सुभाष चौक की तरफ आने वाले रास्ते पर स्थिति ऐसी बनी हुई कि
सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ तोड़ दिया गया है ऐसे में लोगों को मजबूरन सड़क
पर पैदल चलना पड़ता है।
इतना नहीं यहां पर बसों का स्टैंड भी नहीं होने से
यहां पर बस रोकते हैं। इससे यहां दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा हो गया है। सुभाष चौक पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर में लगातार हो रही देरी ने यहां एक्सीडेंट्स का संभावना को बढ़ा दिया है।
इतना ही नहीं, चौक की ऐसी बुरी स्थिति के
बाद यहां पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी कभी नहीं दिखते जिससे वाहन चालक धड़ल्ले
से निकल रहे हैं। ऐसे में अगर आगे भी यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में भी
ऐसी घटनाओं की कभी भी पुनरावृत्ति हो सकती है।
इन खतरों का है डर
-बख्तावर चौक की तरफ से आने वाले ऑटो बीच रास्ते पर ऑटो खड़ा कर देते हैं।
-सुभाष चौक फ्लाईओवर के निर्माण में लगातार हो रही देरी की वजह से भी यहां हादसे बढ़ गए है।
-सुभाष चौक के पास दोनों तरफ फुटपाथ नहीं होने की वजह से लोग सड़क पर पैदल चलते हैं जिससे जान का खतरा बढ़ गया है।
-सुभाष चौक पर बस स्टॉप होने के बावजूद सिटी बस चालक कहीं भी बस रोक देते है ऐसे में यहां दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
-सड़क टूटी होने के चलते यहां पर कई बार वाहन टकरा चुके है।
-सदर थाने के दोनों तरफ रात के समय अंधेरा होने की वजह से कई बार लोगों के साथ घटनाएं हो चुकी है।