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Delhi : 10,000 रुपये का भुगतान न करने पर सब इंस्पेक्टर को जेल, पॉक्सो मामले में आईओ के खिलाफ था जमानती वारंट
Thu, 21 Aug 2025 02:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 21 Aug 2025 02:04 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
कड़कड़डूमा कोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर को उसके खिलाफ जारी जमानती वारंट की राशि 10,000 रुपये न चुकाने पर जेल भेज दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार जांच अधिकारी (आईओ), सब-इंस्पेक्टर संदीप रावल के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) को रद्द करने के लिए एक आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे। पॉक्सो मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के चरण में उपस्थित न होने पर आईओ के खिलाफ 10,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया गया था। यह देखते हुए कि वह सुनवाई के दौरान फिर से उपस्थित नहीं हुए, एसआई को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया।
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न्यायाधीश ने कहा कि इस स्तर पर आवेदक रावल का कहना है कि वह एक मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल करने के लिए साकेत अदालत गए थे। इसलिए, वह गैर-जमानती वारंट रद्द करने का अनुरोध करते हैं। न्यायाधीश ने कहा कि जमानती वारंट जारी होने के बावजूद, रावल दूसरी अदालत गए और उनके आचरण से पता चलता है कि उन्हें अदालती प्रक्रिया का कोई सम्मान नहीं था। इसलिए गैर-जमानती वारंट रद्द करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं थे और इसे केवल जमानती वारंट की राशि 10,000 रुपये के भुगतान पर ही रद्द किया जा सकता था। जांच अधिकारी ने राशि का भुगतान करने पर सहमति जताई और एटीएम से पैसे निकालने के लिए अदालत से चले गए।
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दोपहर 2.50 बजे जब अदालत की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो रावल ने कहा कि वह राशि देने को तैयार नहीं हैं। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि जमानती वारंट की राशि देने के लिए अदालत से समय लेने के बावजूद आवेदक या जांच अधिकारी ने राशि नहीं दी है। उन्होंने अदालत का कीमती समय बर्बाद किया है। इसलिए, आवेदक को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की एक प्रति संबंधित पुलिस उपायुक्त को आवश्यक जानकारी के लिए भेजी जाए।
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