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छात्रों में सोचने व नवाचार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए : सीताराम
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एआईसीटीई अध्यक्ष ने पीएम श्री स्कलों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों के लिए आईडीई बूटकैंप का शुभारंभ किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के लिए नवाचार, डिजाइन और उद्यमिता (आईडीई) बूटकैंप आयोजित किए जा रहे हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने ऑनलाइन माध्यम से इन बूटकैंप का शुभारंभ किया। यह बूटकैंप 12 राज्यों में स्थित 14 केंद्रों पर एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सीताराम ने कहा कि शिक्षा को रटने वाली प्रणाली तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि छात्रों में सोचने, डिजाइन करने और नवाचार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
एआईसीटीई अध्यक्ष ने कहा कि आईडीई बूटकैंप शिक्षकों को अनुभवात्मक एवं उत्पाद आधारित शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। स्कूल स्तर पर डिजाइन, थिकिंग व नवाचार आधारित शिक्षण और उद्यमिता को एकीकृत कर यह कार्यक्रम स्कूलों में नवाचार की संस्कृति को संस्थागत रूप देगा। यह बूटकैंप विद्यालयी शिक्षा व साक्षरता विभाग एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय की नवाचार प्रकोष्ठ तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एनसीईआरटी द्वारा वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से चरणबद्ध रूप में आयोजित किया जा रहा है।
17 दिसंबर से 9 जनवरी तक होगा आयोजन
इस कैंप का पहला चरण 17 से 19 दिसंबर तक 14 केंद्रों पर चलेगा। दूसरा चरण 22 से 24 दिसंबर तक 21 केंद्रों पर और तीसरा चरण 7 से 9 जनवरी 2026 तक 15 केंद्रों पर आयोजित होगा। वर्तमान कार्यक्रम के माध्यम से 200 से अधिक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ देशभर के 50 केंद्रों पर 9,000 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं निदेशक धीरज साहू ने कहा कि इस बूटकैंप का उद्देश्य प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को आवश्यक ज्ञान, ढांचा और उपकरण प्रदान करना है, जिससे वे पीएम श्री विद्यालय योजना के अंतर्गत नवाचार गतिविधियों का मार्गदर्शन कर सकें। एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ अभय जेरे ने कहा कि यह पहल विद्यालय शिक्षा में नवाचार और उद्यमिता को समाहित करने की दिशा में एक सशक्त सहयोगात्मक प्रयास को दर्शाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के लिए नवाचार, डिजाइन और उद्यमिता (आईडीई) बूटकैंप आयोजित किए जा रहे हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने ऑनलाइन माध्यम से इन बूटकैंप का शुभारंभ किया। यह बूटकैंप 12 राज्यों में स्थित 14 केंद्रों पर एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सीताराम ने कहा कि शिक्षा को रटने वाली प्रणाली तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि छात्रों में सोचने, डिजाइन करने और नवाचार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
एआईसीटीई अध्यक्ष ने कहा कि आईडीई बूटकैंप शिक्षकों को अनुभवात्मक एवं उत्पाद आधारित शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। स्कूल स्तर पर डिजाइन, थिकिंग व नवाचार आधारित शिक्षण और उद्यमिता को एकीकृत कर यह कार्यक्रम स्कूलों में नवाचार की संस्कृति को संस्थागत रूप देगा। यह बूटकैंप विद्यालयी शिक्षा व साक्षरता विभाग एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय की नवाचार प्रकोष्ठ तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एनसीईआरटी द्वारा वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से चरणबद्ध रूप में आयोजित किया जा रहा है।
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17 दिसंबर से 9 जनवरी तक होगा आयोजन
इस कैंप का पहला चरण 17 से 19 दिसंबर तक 14 केंद्रों पर चलेगा। दूसरा चरण 22 से 24 दिसंबर तक 21 केंद्रों पर और तीसरा चरण 7 से 9 जनवरी 2026 तक 15 केंद्रों पर आयोजित होगा। वर्तमान कार्यक्रम के माध्यम से 200 से अधिक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ देशभर के 50 केंद्रों पर 9,000 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं निदेशक धीरज साहू ने कहा कि इस बूटकैंप का उद्देश्य प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को आवश्यक ज्ञान, ढांचा और उपकरण प्रदान करना है, जिससे वे पीएम श्री विद्यालय योजना के अंतर्गत नवाचार गतिविधियों का मार्गदर्शन कर सकें। एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ अभय जेरे ने कहा कि यह पहल विद्यालय शिक्षा में नवाचार और उद्यमिता को समाहित करने की दिशा में एक सशक्त सहयोगात्मक प्रयास को दर्शाती है।
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