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2 महीनें से खराब था हाइमास्ट लाइट, जब बना तो पोल में उतरा करंट, छात्र की मौत

Fri, 10 Aug 2018 09:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 10 Aug 2018 09:18 PM IST
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student death by electric shock in high mast light pole in noida
student death

सेक्टर-82 की स्वर्णिम विहार सोसायटी में हाइमास्ट लाइट के पोल में उतरे करंट से बुधवार शाम को 13 साल का छात्र बुरी तरह से झुलस गया। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार रात बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिस पोल से करंट लगा था, उस पर लगी हाइमास्ट लाइट दो माह से खराब थी जिसे बुधवार को ही ठीक किया गया था।

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मूलत: गुजरात निवासी हारून कादरी पत्नी इरफाना परवीन और बेटे हमजा कादरी व बेटी के साथ रहते हैं। हारून इन दिनों कतर की एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर हैं। परिवार नोएडा में ही रहता है। इंद्रप्रस्थ स्कूल में आठवीं में पढ़ने वाला उनका बेटा हमजा बुधवार शाम को सोसायटी के बच्चों के साथ फुटबाल खेल रहा था।
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पसीना आने के बाद हाइमास्ट लाइट के पोल पर बने चबूतरे पर बैठकर वह पानी पी रहा था। जैसे ही वह पोल से सटकर बैठा उसे काफी तेज करंट लगा। चंद मिनट बाद ही करंट ने उसे दूर फेंक दिया। बच्चों के शोर मचाने पर लोगों ने उसे यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया।
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बच्चे का शरीर नीला पड़ चुका था। गर्दन व पीठ में करंट के झटके के निशान भी बन गए थे। हालत खराब होने से उसे दिल्ली के अपोलो अस्पताल रेफर किया गया जहां बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे उसने दम तोड़ दिया। उधर, सूचना मिली तो पिता भी कतर से नोएडा लौट आए और शुक्रवार शाम को शव को दफना दिया गया।

परिजनों की ओर से सूचना देकर कहा गया है कि उनको किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करनी है। उनका बेटा चला गया अब उनको किसी से कोई लेना-देना नहीं है। पोस्टमार्टम भी कराना नहीं चाहते हैं। ऐसे में पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के शव सौंप दिया।- राजकुमार चौहान, एसएसआई, फेज-दो

सोसायटी के लोगों ने प्राधिकरण और मुख्यमंत्री को ट्वीट से की शिकायत

हाइमास्ट लाइट के पोल में करंट लगने से हुई छात्र की मौत से पूरी सेक्टर-82 की स्वर्णिम विहार सोसायटी के लोगों में आक्रोश है। पोल के आसपास ही करीब 50 से 80 बच्चे खेलते रहते हैं। हादसे के दिन बुधवार को गनीमत रही कि फुटबाल खेल रहे अन्य बच्चों ने पोल को नहीं छुआ। अगर अन्य बच्चे पोल को छू लेते तो बड़ी घटना हो सकती थी।

सोसायटी वासियों का आरोप है कि यह लापरवाही प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारियों की है। मामले की शिकायत सोसायटी के लोगों ने प्राधिकरण और मुख्यमंत्री को ट्वीट करके की है। दरअसल, सोसायटी के पार्क के बीच पोल लगा हुआ है। दो माह से हाइमास्ट लाइट खराब थी जिससे पोल में करंट भी नहीं था। बच्चे अक्सर पार्क में खेलते थे और पोल का चबूतरा बना होने से वहीं पर बैठते थे। पानी की बोतल व अन्य सामान बच्चे उसी पोल के पास ही रखते थे।

दो माह से लाइट खराब होने से बच्चों को उससे डर नहीं था। हालांकि, सोसायटी के लोग बच्चों को ऐसा करने से रोकते थे। बुधवार को प्राधिकरण के कर्मचारी हाइमास्ट लाइट को ठीक कर गए, लापरवाही के कारण पोल में करंट उतर आया। इस बात की जानकारी न तो सोसायटी के किसी व्यक्ति को थी और न ही बच्चों को। रोजाना की तरह बच्चे पार्क में खेल रहे थे और इस तरह की बड़ी घटना हो गई।

सोसायटी निवासी एनपी शर्मा ने बताया कि सोसायटी के लोगों ने प्राधिकरण से कई बार शिकायत की थी। इसके बाद लाइट ठीक कर दी गई, लेकिन प्राधिकरण कर्मचारियों की लापरवाही से करंट उतर आया था। बच्चे की मौत के लिए प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी ही जिम्मेदार हैं। इस मामले की शिकायत प्राधिकरण के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री को ट्वीट करके की गई है। वहीं, शैलेंद्र कुमार ने बताया कि हारून कादरी परिवार को नोएडा में करीब 13 साल पहले लाए थे। बेटे का जन्म भी यहीं हुआ था।

शहर के 700 पार्कों में कभी भी हो सकती हैं घटनाएं
नोएडा प्राधिकरण के करीब 700 पार्क शहर में हैं। इनका रखरखाव ठेकेदारों को दे रखा है, लेकिन सुरक्षा संबंधित जिम्मेदारी किसी पर नहीं है। अगर प्राधिकरण की ओर से ठेकेदारों को सुरक्षा संबंधित निर्देश दिए गए होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। करीब 8 माह पहले भी पार्क में एक व्यक्ति को करंट लग गया था।

हमजा की मौत पर सभी की आंखे थीं नम...
हमजा की मौत की जानकारी जैसे ही परिजनों और रिश्तेदारों को मिलनी शुरू हुई तो सुबह से ही घर पर लोगों का जमावड़ा लगने लगा था। सभी की आंखें नम थीं। सभी प्राधिकरण अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी बता रहे थे। इकलौते बेटे की मौत के बाद हमजा की मां इरफाना सदमे में हैं।

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