स्टीफंस मामले में पीड़ित लड़की ने सौंपी रिकार्डिंग
सेंट स्टीफंस कॉलेज की रिसर्च स्कॉलर ने पुलिस को रिकार्डिंग सौंपी है। इसमें आरोपी प्रोफेसर और प्रिंसिपल की पीड़िता से हुई बातचीत रिकॉर्ड है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और मामले को संवदनशील बताते हुए कुछ भी कहने से बच रही है।
रिकार्डिंग में सात, नौ और 10 जनवरी को प्रिंसिपल के कार्यालय में पीड़िता, प्रिंसिपल और आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के बीच हुई बातचीत का ब्योरा है।
सूत्रों का कहना है कि रिकार्डिंग में यह बात सामने आ रही है कि इस मामले में पीड़िता पर दवाब बनाने की कोशिश की गई है। पीड़िता ने मोबाइल फोन को पुलिस के हवाले कर दिया है।
पुलिस कुछ भी कहने से कर रही है इंकार
जिसमें रिकार्डिंग के अलावा पीड़िता के साथ आरोपी के एसएमएस के आदान प्रदान की जानकारी मौजूद है। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच के दौरान इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
गौरतलब है कि गत 19 जून को रिसर्च स्कॉलर ने मौरिस नगर थाना पुलिस से शिकायत की थी कि असिस्टेंट प्रोफेसर सतीश कुमार ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। पीड़िता ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से की थी।
कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक शिकायत समिति से मामले की जांच करवाई। पीड़िता ने आरोेप लगाया कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने भी आरोपी का पक्ष लिया और मामले को रफा दफा करने की कोशिश की।
आरोपी प्रोफेसर ने फिर दायर की अग्रिम जमानत याचिका
यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी सेंट स्टीफंस के सहायक प्रोफेसर सतीश कुमार ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। निचली अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका 23 जून को खारिज कर दी थी। इस फैसले को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि कॉलेज की ही पीएचडी छात्रा ने सतीश कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
उधर, हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका में कहा गया है कि छात्रा के आरोप झूठे व मनगढ़ंत हैं। इस मामले का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। आरोपी ने याचिका में कहा है कि वह जांच में सहयोग करने को तैयार है।
इसलिए, उसकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि छात्रा ने अपनी अलग-अलग शिकायतों में अलग बयान दिए हैं। वह हर बार एक आरोप बढ़ा देती है। आरोपी का कहना है कि वह85 फीसदी विकलांग है और छड़ी का सहारा लेकर चलता है। उसने छात्रा का न यौन उत्पीड़न किया और न ही कभी उसका पीछा किया।