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Delhi NCR News: सरकारी मुकदमों को कम करने के लिए बनेंगे विशेष अधिवक्ता पैनल
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- सरकार से जुड़े करीब 5,000 मुकदमे लंबित, विशेष पैनल करेगा इनकी समीक्षा, गैर जरूरी मुकदमे हटाए जाएंगे
- मुख्यमंत्री ने कहा- नए न्यायालय परिसर और मध्यस्थता केंद्र से कानून व्यवस्था मजबूत करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सरकारी मुकदमों को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने विशेष अधिवक्ता पैनल बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को विधि, न्याय और विधायी कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नए न्यायालय परिसर और मध्यस्थता केंद्र बनने से दिल्ली की कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 11 न्यायिक जिले सात प्रमुख न्यायालय परिसरों में काम कर रहे हैं, जहां सरकार से जुड़े 4,000-5,000 मुकदमे लंबित हैं। इनमें से गैर-जरूरी मुकदमों को हटाने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों और विशेषज्ञों का पैनल बनाया जाएगा, जो मुकदमों की समीक्षा कर इनके तेजी से समाधान की राह सुझाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में स्थायी पैनल बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने दिल्ली उच्च न्यायालय, सुप्रीम कोर्ट और अन्य अधिकरणों में महत्वपूर्ण मामलों के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं का विशेष पैनल बनाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार के लिए स्थायी पैनल की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुराने कानूनों जैसे पंजाब कोर्ट अधिनियम और न्याय शुल्क अधिनियम को बदलने के लिए नए कानूनों पर विचार करने, शपथ आयुक्तों की नियुक्तियों की समीक्षा और रिकॉर्ड अपडेट करने के आदेश दिए हैं।
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बन रहे तीन नए न्यायालय परिसर
न्यायिक अधिकारियों की कमी और कार्यालयों में जगह की समस्या को दूर करने के लिए शास्त्री पार्क, कड़कड़डूमा और रोहिणी में तीन नए न्यायालय परिसर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इनका निर्माण जल्द पूरा करने को कहा। दिल्ली विवाद समाधान समिति (डीडीआरएस) के वैकल्पिक विवाद समाधान कार्यों की तारीफ करते हुए उन्होंने छोटे उद्यमों के लिए सस्ता और प्रभावी मध्यस्थता केंद्र बनाने की सलाह दी। विधि, न्याय और विधायी कार्य विभाग मंत्री कपिल मिश्रा, प्रमुख सचिव रितेश सिंह और विधि विशेषज्ञ भी इस बैठक में शामिल रहे।
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- मुख्यमंत्री ने कहा- नए न्यायालय परिसर और मध्यस्थता केंद्र से कानून व्यवस्था मजबूत करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सरकारी मुकदमों को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने विशेष अधिवक्ता पैनल बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को विधि, न्याय और विधायी कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नए न्यायालय परिसर और मध्यस्थता केंद्र बनने से दिल्ली की कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 11 न्यायिक जिले सात प्रमुख न्यायालय परिसरों में काम कर रहे हैं, जहां सरकार से जुड़े 4,000-5,000 मुकदमे लंबित हैं। इनमें से गैर-जरूरी मुकदमों को हटाने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों और विशेषज्ञों का पैनल बनाया जाएगा, जो मुकदमों की समीक्षा कर इनके तेजी से समाधान की राह सुझाएंगे।
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सुप्रीम कोर्ट में स्थायी पैनल बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने दिल्ली उच्च न्यायालय, सुप्रीम कोर्ट और अन्य अधिकरणों में महत्वपूर्ण मामलों के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं का विशेष पैनल बनाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार के लिए स्थायी पैनल की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुराने कानूनों जैसे पंजाब कोर्ट अधिनियम और न्याय शुल्क अधिनियम को बदलने के लिए नए कानूनों पर विचार करने, शपथ आयुक्तों की नियुक्तियों की समीक्षा और रिकॉर्ड अपडेट करने के आदेश दिए हैं।
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बन रहे तीन नए न्यायालय परिसर
न्यायिक अधिकारियों की कमी और कार्यालयों में जगह की समस्या को दूर करने के लिए शास्त्री पार्क, कड़कड़डूमा और रोहिणी में तीन नए न्यायालय परिसर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इनका निर्माण जल्द पूरा करने को कहा। दिल्ली विवाद समाधान समिति (डीडीआरएस) के वैकल्पिक विवाद समाधान कार्यों की तारीफ करते हुए उन्होंने छोटे उद्यमों के लिए सस्ता और प्रभावी मध्यस्थता केंद्र बनाने की सलाह दी। विधि, न्याय और विधायी कार्य विभाग मंत्री कपिल मिश्रा, प्रमुख सचिव रितेश सिंह और विधि विशेषज्ञ भी इस बैठक में शामिल रहे।