गैंगरेप कर FB और व्हाट्सएप पर डाला वीडियो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी बीए की दलित छात्रा का सपा कार्यकर्ता और उसके साथियों ने अपहरण कर गैंगरेप किया और वीडियो बना ली।
आरोपियों ने छात्रा को ब्लैकमेल करके चार माह तक दुष्कर्म किया और सप्ताह भर पहले ही वीडियो व्हाट्स ऐप पर वायरल भी कर दिया। पीड़िता की मां की ओर से सपा कार्यकर्ता और उसके दो साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा दादरी के एक कॉलेज से बीए कर रही है।
गैंगरेप के दौरान उन्होंने बना ली थी वीडियो
उसकी मां ने तहरीर दी है कि करीब चार माह पहले छात्रा गांव से कॉलेज के लिए निकली थी। रास्ते में स्कॉर्पियो कार सवार लखनावली निवासी सपा कार्यकर्ता फिरे सिंह, उसके ताऊ का बेटा धर्मी और उन्हीं के गांव के सतीश ने उसका अपहरण कर लिया।
आरोपियों ने कार में उसका मुंह बंद कर दिया और नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उससे सुनसान स्थान पर गैंगरेप किया। इस दौरान उन्होंने उसकी वीडियो भी बना ली।
आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर पीड़िता और उसके छोटे भाई व पिता को जान से मारने की धमकी दी। इससे डरकर उसने घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी।
इस वजह से वायरल कर दिया वीडियो
इसके बाद तीनों ने उसे वीडियो दिखाकर कई बार ब्लैकमेल किया और उससे दुष्कर्म किया। आरोप है कि 18 अगस्त को तीनों ने उसे एक थैला देकर परी चौक पर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कहा।
थैले में हथियार जैसा कुछ लोहे का सामान रखा था। आरोपियों ने कहा कि वह उसे एक व्यक्ति को दे दे और जो सामान मिले, उसे लाकर उन्हें दे दे। हथियार तस्करी का शक होने पर वह डर गई और घर चली गई। इसके चार दिन बाद आरोपियों ने वीडियो नेट और व्हाट्स ऐप पर डाल दी।
ये वीडियो जब पीड़िता की बड़ी बहन के पास पहुंची तो मामला खुला। घटना के बाद परिजन दहशत में थे। मंगलवार दोपहर को पीड़ित परिजन सूरजपुर कोतवाली पहुंचे लेकिन इंस्पेक्टर नहीं मिलने पर वे वापस आ गए।
आखिरकार गिरफ्तार कर लिए गए आरोपी
शाम को वे फिर कोतवाली गए और तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए रात करीब 9 बजे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित परिजनों ने करीब पांच से छह घंटे तक इंस्पेक्टर का इंतजार किया।
जब वह मिले तो उन्होंने इस बात की पूरी तरह तसल्ली कर ली कि कहीं ऐसा न हो जाए रसूखदार लोगों के दबाव में आकर उनके मामले को ही गलत साबित कर दिया जाए।
इंस्पेक्टर के कार्रवाई के आश्वासन और मामला दर्ज करके गिरफ्तारी होने के बाद पीड़ित लोगों ने उनका हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि पुलिस दलितों का इतना साथ दे सकती है।