संदीप कुमार पर पार्टी जल्द लेगी बड़ा फैसला, धूमिल होती छवि और विरोध से बड़ा दबाव
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सेक्स स्कैंडल में मंत्री पद गंवा चुके संदीप कुमार की पार्टी से भी छुट्टी हो सकती है। धूमिल हो रही छवि और विरोधियों के चौतरफा दबाव को कम करने के लिए पार्टी यह फैसला ले सकती है।
ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि केजरीवाल सरकार अलग-अलग मामलों में तीन मंत्रियों को हटा चुकी है, लेकिन संदीप कुमार पहले मंत्री हैं जिनका मामला अनुशासन समिति के पास गया है।
सूत्रों की मानें तो वहां मामला भेजे जाने का मतलब पार्टी से बाहर जाने का रास्ता तैयार करना है। सूत्रों की मानें तो पार्टी इस स्कैंडल को पार्टी के साथ ज्यादा दिनों तक अपने साथ नहीं रखना चाहती है।
इसलिए पार्टी अपनी संवैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा कर संदीप कुमार को बाहर का रास्ता दिखाएगी। हालांकि इस दौरान तीन सदस्यीय यह समिति संदीप कुमार का इस मामले में पक्ष रखने का मौका देगी।
मगर पार्टी के एक धड़े को यह चिंता भी सता रही है कि आप से निकाले जाने के बाद वे सरकार के खिलाफ मोर्चा न खोल दें। जानकारों की मानें तो इससे पहले फर्जी डिग्री में जितेंद्र सिंह तोमर, घूस लेने में आसिम अहमद खान के मामले में पार्टी ने उन्हें मंत्री पद से तो हटाया लेकिन उनके मामले को आधिकारिक तौर पर अनुशासन समिति को नहीं भेजा।
संदीप कुमार पर छह महीने से थी केजरीवाल की नजर
संदीप के मामले में मंत्री पद से हटाए जाने के तुरंत बाद बुधवार देर रात ही केजरीवाल के निवास पर हुई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक में इस मामले को तुरंत अनुशासन समिति को भेज दिया गया।
बता दें कि इस समय पार्टी की अनुशासन समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता पंकज गुप्ता, प्रदेश संयोजक दिलीप पांडे और दीपक वाजपेयी शामिल हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जल्द ही पार्टी संदीप कुमार को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी करेगी।
कुमार पर थी केजरीवाल के नजर
संदीप कुमार को भले ही सेक्स स्कैंडल के चलते हटाया गया लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल के नजरों में वे बीते छह माह से चढ़े हुए थे। सरकार से लेकर पार्टी तक में इसकी चर्चा जोरों पर थी।
संदीप कुमार के अलग-अलग विवाद व शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंच रही थी। शिलान्यास पट पर उनका नाम न लिखने को लेकर हंगामा हो या फिर भिखारियों को बिना किसी नीति पर सड़क से हटाने का दोनों मामलों में केजरीवाल ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया था।
भिखारी हटाने के मामले में तो केजरीवाल ने ट्विटर पर सीधे इस फैसले को रद्द कर संदीप कुमार को फटकार लगाई थी।