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Delhi: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को राउज एवेन्यू कोर्ट का नोटिस, वोटर लिस्ट में अनियमितता का आरोप

Tue, 09 Dec 2025 12:15 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 09 Dec 2025 12:15 PM IST
सार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था।

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Sonia Gandhi receives notice from Rouse Avenue Court over allegations of irregularities voter list
सोनिया गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने से इनकार करने को चुनौती दी गई थी।

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गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नारंग की प्रारंभिक दलीलें सुनीं। जिसके बाद गांधी और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगना उचित समझा। अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी, 2026 को होगी।

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1980 में जुड़ा नाम, जबकि 1983 में बनीं नागरिक
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) वैभव चौरसिया ने 4 सितंबर 2025 को मामले की सुनवाई की थी  विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह अप्रैल 1983 में भारत की नागरिक बनी थीं।

त्रिपाठी ने उठाए थे गंभीर सवाल
त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में फिर से जोड़ा गया। त्रिपाठी के वकील ने कहा कि उनका भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 का है। 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम कैसे शामिल हुआ, जिसे फिर 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर से दर्ज किया गया। 

जमा किए गए थे जाली दस्तावेज
वकील ने आगे कहा कि 1980 में मतदाता सूची में उनका नाम शामिल होने का मतलब है कि कुछ जाली दस्तावेज जमा किए गए थे और यह एक संज्ञेय अपराध का मामला है। इसलिए, उन्होंने अदालत से प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश देने का अनुरोध किया। त्रिपाठी की तरफ से वकील ने दलीलें पूरी करने के बाद अदालत ने कहा कि मामले पर अगले सप्ताह फिर से विचार किया जाएगा। हालांकि, गांधी या दिल्ली पुलिस को अभी तक कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है।

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