Delhi University: एसओएल का 62वें स्थापना दिवस पर तोहफा, इन छात्राओं को मिलेगा फायदा
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) ने अपने 62वें स्थापना दिवस पर महिला छात्राओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। सीजीपीए स्कोर करने वाली छात्राओं की फीस माफ होगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डीयू के एसओएल ने सोमवार को अपना 62 वां स्थापना दिवस विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में मनाया। विकसित भारत के निर्माण में मुक्त शिक्षा का योगदान थीम के साथ आयोजित इस समारोह में उपराष्ट्रपति एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगदीप धनखड़ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा उस ताले की कुंजी है जिसके माध्यम से प्रगति के दरवाजे खुलते हैं। शिक्षा समाज में सबसे बड़े बदलाव का केंद्र है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्राचीन शिक्षा पद्धति में दो खासियत हैं, औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा। गुरुकुल औपचारिक शिक्षा के माध्यम थे तो परिवार अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम थे। आज ये काम संस्थागत तरीके से एसओएल कर रहा है।
कुलाधिपति ने कहा हमें याद रखना चाहिए कि विफलता किसी चीज का नाम नहीं है। विफलता में सफलता की कुंजी देखें। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि दिल्ली में 60 फीसदी सीए एसओएल के विद्यार्थी हैं। बहुत से वकील, सिविल सर्वेंट, शिक्षक और राजनेता भी यहां के विद्यार्थी रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि वर्ष 1962 में एसओएल को मानविकी व कॉमर्स कोर्सेज के साथ शुरू किया गया था। तब यहां 900 विद्यार्थी थे। अब करीब 4 लाख विद्यार्थी 17 से अधिक कोर्सेज में पढ़ाई कर रहे हैं।
तीन छात्राओं को किया गया पुरस्कृत
स्थापना दिवस समारोह के दौरान एसओएल के तीन विद्यार्थियों को उपराष्ट्रपति ने सम्मानित किया। इनमें बीए लाइब्रेरी साइंस में दिल्ली विश्वविद्यालय की टॉपर रही पायल सिंह, एमए राजनीति विज्ञान की टॉपर नैन्सी गोयल को प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। इनके अलावा अर्जुन पुरस्कार विजेता छात्रा दीक्षा डागर को भी सम्मानित किया गया।