सिद्धू दंपत्ति में से किसी एक का ही स्वागत कर सकेगी आप, जानिए क्या है मुश्किल
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नवजोत सिंह सिद्धू व उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़ने का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने बेशक स्वागत किया है।
लेकिन आप का संविधान पति-पत्नी दोनों के लिए फिट नहीं बैठ रहा है। पार्टी के मौजूदा संविधान के मुताबिक, मिस्टर व मैडम सिद्धू में से किसी एक को सियासत से किनारा करना पड़ेगा।
दरअसल, आम आदमी पार्टी अपने गठन के वक्त से ही राजनीतिक वंशवाद के खिलाफ मुखर रही है। इससे बचने के लिये पार्टी ने अपने संविधान में स्पष्ट प्रावधान कर रखा है कि एक ही परिवार के दो सदस्य आप के चुनाव चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ पाऐंगे।
वहीं, एक परिवार का एक ही सदस्य पार्टी का पदाधिकारी हो सकेगा। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति एक साथ दो पदों पर नहीं रहेगा। संविधान के इसी प्रावधान से अभी तक किसी परिवार के दो सदस्य पार्टी के न तो पदाधिकारी बने हैं और न ही कहीं से चुनाव ही लड़ा है।
ढेरों कयासों के बावजूद पिछले दिनों आईआरएस से इस्तीफा देने वाली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी अभी सियासत में कदम नहीं रखा है।
भाजपा से नाता तोड़ने के बाद आप में चला बधाईयों का सिलसिला
दूसरी तरफ मिस्टर व मिसेज सिद्धू के भाजपा से नाता तोड़ने का जिस तरह से आम आदमी पार्टी से स्वागत किया, उससे साफ है कि वह आप के साथ जा रहे हैं। इसका औपचारिक ऐलान भर होना बाकी है।
सूत्र बताते हैं कि हफ्ते भर में सिद्धू परिवार आप का हिस्सा बन जाएगा, लेकिन आप का संविधान इनकी राह का अड़चन बना हुआ है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो आपात स्थिति में पार्टी की सर्वोच्च संस्था संविधान से इतर भी फैसला ले सकती है।
सिद्धू के लिये आप नेताओं ने दिखायी हरी झंडी
भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू व उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के भाजपा से नाता तोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) में बधाईयों का सिलसिलाचल पड़ा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब प्रभारी संजय सिंह, संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर से लेकर हर छोटा-बड़ा नेता सिद्धू की तारीफ के कसीदे पढ़ता नजर आया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, लोग राज्य सभा सदस्यता पाने के लिये सब-कुछ दे सकते हैं। क्या कभी किसी राज्य सभा सांसद ने अपने राज्य को बचाने के लिये इस्तीफा दिया है?
अभी सिद्धू को बतौर सीएम नहीं प्रोजेक्ट करेगी आप
मैं सिद्धू के साहस को नमन करता हूं। संजय सिंह ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू ने भाजपा की राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर साहसिक कदम उठाया है, उनके फैसले का स्वागत करता हूं।
अभी सिद्धू को बतौर सीएम नहीं प्रोजेक्ट करेगी आप
सिद्धू के इस्तीफे के बाद बेशक कयासों का दौर चल पड़ा है कि वे पंजाब में आप को चेहरा होंगे। लेकिन पार्टी फिलहाल मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम का ऐलान करने के मूड में नहीं है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि रणनीतिक तौर पर इस तरह का ऐलान नुकसानदायक हो सकता है। इससे पंजाब में काम कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं में गलत संदेश जायेगा।
अरविंद केजरीवाल के चेहरे के सहारे चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया जायेगा। बाद में जब कभी सिख समुदाय के बीच से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने का दबाव विपक्षियों के तरफ से बढ़ेगा तो उनके नाम को आगे किया जा सकता है।