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घुला हवा में जहर मासूमों का दिमाग कर रहा खोखला, लैब रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Fri, 18 Jan 2019 12:25 AM IST
Vikas Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 18 Jan 2019 12:25 AM IST
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Shocking report on air pollution has revealed new revelations on the toxic environment of Delhi
वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

वायु प्रदूषण को लेकर लंग केयर फाउंडेशन की अध्ययन रिपोर्ट ने दिल्ली के जहरीले वातावरण पर नया खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली और गुरुग्राम में दिवाली के बाद हवा में कई तरह के जहरीले रसायन भारी धातु के रूप में मिले हैं।

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पीएम 2.5 में मिले इन रासायनिक कणों के श्वास के जरिये शरीर में जाने से बीमारियां फैलती हैं। खासतौर पर बच्चों का न्यूरो (दिमाग) खोखला हो रहा है। इन रसायनों में न्यूरोटॉक्सिन है, जोकि मासूमों के मस्तिष्क विकास में अवरोधक हो सकता है।
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इसकी सत्यता की जांच के लिए पिछले वर्ष दिवाली के बाद फाउंडेशन ने दिल्ली और गुरुग्राम की सात जगहों से नवंबर और दिसंबर में अलग अलग सैंपल लेकर जांच की। सभी सैंपल घरों की ओपन (खुली) बॉलकनी से लिए हैं। इनकी जांच अमेरिकी लैब में कराई है। परिणाम चौंकान्ने वाले सामने आए।
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इन दो माह में वायु में मैग्नीशियम, लेड और निकल के अंश पाए गए। फाउंडेशन के डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि मैग्नीज, लेड और निकल जैसे रासायनों के हवा में मिलने के कारण बच्चों को न्यूरोटॉक्सिन से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। व्यस्क की तुलना में लेड के संपर्क में आने से बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं।   

दुनिया भर के मानक छोड़ दिए पीछे      
डेथ इन एवरी ब्रीथ नामक इस रिपोर्ट में कहा है कि सभी जगहों पर पीएम 2.5 का स्तर 563.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के तय मानक से ये स्तर 9.4 गुना ज्यादा है। पांच सैंपल में मैंगनीज का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अमेरिकी मानकों से कई गुना ज्यादा मिला है, जबकि भारत में इसका कोई मानक निश्चित नहीं है। वहीं छह सैंपल में लेड (शीशा) की अत्यधिक मात्रा मिली है। वहीं कैंसर को बढ़ावा देने वाले जहरीले रसायन निकल की बात करें तो हवा में इसकी मात्रा दुनिया के सभी मानकों से सर्वाधिक मिली है।      

बेरीयम की मात्रा ने चौंकाया      
रिपोर्ट ये भी कहती है कि सामान्य दिनों में दिल्ली की वायु में बेरीयम रसायन की मात्रा करीब 2.15 तक मिलती है। जबकि दिवाली और उसके अगले दिन इसकी मात्रा क्रमश : 5.8 व 2.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की है। सैंपल में इस मात्रा के मिलने से साफ है कि आतिशबाजी की वजह से हवा में जहर फैला। इसके अलावा सिलिकॉन भी मिला है।        

सरकार से चार बड़ी मांगें      
फाउंडेशन की ओर से इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार से चार मांगे भी की हैं। इसके तहत सीपीसीबी धूल और हवा की मॉनीटरिंग लगातार जारी रखे। साथ ही दिल्ली-एनसीआर की जनता को स्वास्थ्य सलाह के साथ इसके परिणाम भी बताए। इसके अलावा दिल्ली की विभिन्न प्रशासनिक शाखाएं प्रदूषण को लेकर सतर्कता बरतें, लोगों की लंबे समय तक स्वास्थ्य निगरानी होनी चाहिए। साथ ही दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से बचाने और उन्हें इलाज दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ संयुक्त रूप से अस्पताल केंद्र को खोलना चाहिए।       

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