बिना ऑक्सीजन लगाए ही मरीज को भेजा दूसरे अस्पताल, रास्ते में खून की उल्टी होने से मौत
परिजनों का आरोप है कि शिवालिक अस्पताल ने बिना ऑक्सीजन लगाए ही मरीज को ईएसआई अस्पताल में भेज दिया। वहीं, चालक ने इतनी तेज गति से एंबुलेंस चलाई की मरीज के मुंह से खून की उल्टी हो गई जिससे ईएसआई अस्पताल में पहुंचने के कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गई।
गढ़ी चौखंडी निवासी लक्ष्मी (36) के बेटे राहुल का आरोप है कि मां को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, इसलिए ईएसआई अस्पताल में लेकर गए थे। वहां से 30 सितंबर को शिवालिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया, 8 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ गई तो शिवालिक अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीज को 7 दिन से ज्यादा नहीं रख सकते।
इसके लिए ईएसआई अस्पताल से निर्देश भी आए हैं, इसलिए मरीज को तुरंत ईएसआई अस्पताल लेकर जाएं। ऐसा कहने के बाद एंबुलेंस में मां को बैठाकर भेज दिया गया। ऑक्सीजन तक नहीं लगाई गई। रास्ते में खून की उल्टी हो गई।
ईएसआई अस्पताल पहुंचे तो इलाज के दौरान मां की मौत हो गई। इस संबंध में ईएसआई अस्पताल की निदेशक डॉक्टर नीलिमा ने बताया अगर निजी अस्पताल को लगता है कि वह मरीज का इलाज करने में सक्षम है तो कितने दिन मरीज को भर्ती कर सकता है।
समय का बताकर किसी भी मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जा सकता। इस मामले में शिवालिक अस्पताल से जवाब मांगा जाएगा। अगर जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो कार्रवाई होगी। इस बारे में जब शिवालिक अस्पताल में फोन किया गया तो उनका कहना था कि डॉक्टर जा चुके हैं। इस बारे में सोमवार को फाइल देखकर ही बता पाएंगे।