दिल्ली: माद्रक पदार्थों की तस्करी करने वाले शराफत शेख गिरोह का पर्दाफाश, तीन सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने माद्रक पदार्थों की तस्करी की दुनिया में किंग कहे जाने वाले शराफत शेख के मंदसौर, मध्यप्रदेश गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से बढिया क्वालिटी की तीन किलो हेरोइन बरामद की गई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बरामद हेरोइन की कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। शराफत शेख के खिलाफ मकोका समेत 80 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। अब इसका बेटा वसीम शेख गिरोह की कमान संभालने लगा है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बीके सिंह के अनुसार शाखा की आईजीआईएस में तैनात इंस्पेक्टर दाताराम यादव को 23 जुलाई को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थ तस्कर रजोकरी फ्लाईओवर के पास मारूति एरिग्टा कार से मादक पदार्थ की खेप लेकर आएंगे।
इंस्पेक्टर दाताराम यादव की देखरेख में एसआई अरविंद व युद्धवीर की टीम ने यहां घेराबंदी कर दो आरोपी मंदसौर, यूपी निवासी मो. रफीक उर्फ इब्राहिम(53) और निजामुद्दीन, दिल्ली निवासी मो. नासिर हुसैन(30) को पकड़ लिया।
इनके कब्जे से तीन किलो हेरोइन बरामद की गई। इनसे पूछताछ के बाद कार मालिक निजामुद्दीन निवासी मो. फैसल(32) को गिरफ्तार कर लिया। ये वसीम शेख का दोस्त है।
अपराध शाखा ने मादक पदार्थ तस्कर किंग शराफत शेख वर्ष 2004 में भारी मात्रा में हेरोइन के साथ गिरफ्तार हुआ था।
तभी इस पर मकोका लगाया गया था। इसके दो साथियों समेत दो पत्नियों को भी गिरफ्तार किया था। शरारत शेख ने अपनी काली कमाई से दिल्ली, मुंबई व नोएडा में अपनी प्रॉपर्टी बना रखी है।
वर्ष 2018 में ये जेल से बाहर अया था। जेल में इसकी मुलाकात दस किलो हेरोइन के साथ वर्ष 2003 में गिरफ्तार मो. रफीक से हुई। मंदसौर निवासी रफीक वर्ष 2008 तक जेल में रहा था।
वह 17 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है। जेल से बाहर आते ही इसने अपने गांव से मादक पदार्थों की तस्करी करना शुरू किया। वर्ष 2009 में ये फिर गिरफ्तार हुआ और वर्ष 2020 में बाहर आ गया।
शराफत ने जेल से बाहर आते ही रफीक से हाथ मिलाया
वर्ष 2018 में जेल से बाहर आते ही शराफत ने मो. रफीक को दिल्ली बुलाया और दोनों मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे। मो. रफी महीने में तीन से चार बार हेरोइन की खेप दिल्ली लाता था।
हर बार वह तीन से चार किलो हेरोइन लाता था। शराफत उसके दिल्ली आने-जाने का इंतजाम करवाता था। लॉकडाउन में इनका गोरखधंधा बंद हो गया। पुलिस शराफत शेख व उसके परिवार के सदस्यों की तलाश कर रही है।